सहरसा : औषधि नियंत्रण प्रशासक के द्वारा खुदरा दवा व्यवसायियों को फर्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के नाम पर एवं अन्य व्यवसायियों को छोटे-छोटे तकनीकी कारणों से किये जा रहे उत्पीड़न एवं शोषण के विरोध में तीन दिन जिले के सभी थोक एवं खुदरा दवा दुकानें बंद रहेगी.
सहरसा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राघव सिंह व सचिव हरिनंदन प्रसाद यादव ने संयुक्त रूप से प्रेस बयान जारी कर कहा कि बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज पटना के सभागार में 12 जनवरी को बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के द्वारा आयोजित कार्यकारिणी समिति की बैठक में 22, 23 एवं 24 जनवरी को सभी थोक एवं खुदरा दवा दुकान को शत-प्रतिशत बंद रखने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि एक जुलाई को भी इन समस्याओं को लेकर जिला के दवा व्यवसायियों केहो रहे विभागीय उत्पीड़न की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया था.
जा सकते हैं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
एसोसिएशन के अध्यक्ष राघव सिंह व सचिव हरिनंदन प्रसाद यादव ने कहा कि उन लोगों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक निर्णय नहीं लिये जाने पर मार्च 2020 में कभी भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को दवा व्यवसायी मजबूर हो जायेंगे. इसकी सारी जिम्मेवारी सरकार एवं विभाग की होगी.
फार्मासिस्ट समस्या का जबतक सरकार के द्वारा समाधान नहीं हो जाता है, तबतक विभाग द्वारा जारी की गयी सभी अनुज्ञप्तिधारी के साथ निरीक्षण के दौरान इस नियम की आड़ में विभागीय उत्पीड़न एवं शोषण को बंद करने, इस नियम के तहत की गयी विभागीय कार्रवाई में राहत देने,
दवा दुकान में निरीक्षण ड्रग एक्ट में परिभाषित फार्मेट के अनुसार करने, निरीक्षण के लिए बीते 29 मार्च 2019 को जारी किये गये विभागीय ज्ञापांक को रद्द करने, निरीक्षण के क्रम में पायी गयी तकनीकी गलतियों के ऊपर दंडित करने से पहले उसे सुधार के लिए उचित समय देने, राज्य की दवा दुकानों में विभागीय निरीक्षण में एकरूपता एवं पारदर्शिता बनी रहे. इसके लिए विभाग की ओर से एक दिशा-निर्देश जारी किया जाये.
इसकी पूरी जानकारी राज्य के सभी केमिस्टों की हो, अनुज्ञप्ति के नवीनकरण में केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के आलोक में राज्य औषधि नियंत्रक द्वारा चालान जमा करने में एक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया जाय, विभागीय निरीक्षण का उद्देश्य सुधार करने का होना चाहिए न कि उसके नाम पर उत्पीड़न एवं शोषण किया जाय. इधर लगातार तीन दिनों तक जारी रहने वाले हड़ताल से आमलोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
