सहरसा : शहर के बंगाली बाजार रेलवे समपार फाटक के समीप नकाबपोश अपराधियों ने मंगलवार की शाम लगभग सात बजे हथियार के बल पर मां काली इंटरप्राइजेज के कर्मी सुपौल जिले के जगतपुर निवासी मनीष कुमार से "80 हजार नगद व मोबाइल छीनने का मामला सामने आया है. विरोध करने पर पेट में दो जगह चाकू मार कर जख्मी कर दिया गया.
जिसका इलाज पूरब बाजार स्थित एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है. सदर थानाध्यक्ष को दिये आवेदन में पीड़ित कर्मी ने कहा कि वह अन्य दिनों की तरह शाम साढ़े पांच बजे मैरिको कंपनी के तगादे की वसूली के लिए निकला था.
थाना चौक के एक दुकानदार से छह हजार रूपये लेने के बाद शंकर चौक के एक व्यवसायी से बीस हजार रूपये लिया. वहां से एक अन्य व्यवसायी से चार हजार रूपये लेने के बाद दहलान चौक गया. जहां एक व्यवसायी ने पचास हजार रूपये दिया. सभी पैसा को बैग में रख कर पैदल ही अपने पुरानी राइस मिल स्थित कार्यालय जाने लगा.
लगभग सात बजे बंगाली बाजार पहुंचने पर तीन युवक जिसमें दो हेलमेट व एक मुंह पर रूमाल बांधा था, पहुंचा और बैग छीनने का प्रयास किया. विरोध करने पर हथियार के बल पर बंगाली बाजार से गंगजला जाने वाली रेल पटरी पर ले जाकर चाकू से वार कर जख्मी कर दिया और बैग से पैसा व जेब से मोबाइल निकाल कर बंगाली बाजार की ओर भाग गया.
वह जख्मी हालत में गंगजला ढाला स्थित एक दुकानदान जो उसकी जान पहचान का था, उसके पास गया और मामले की जानकारी देकर परिजन को सूचित किया. परिजनों ने आकर उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया. आवेदन व मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशिक्षु डीएसपी निशिकांत भारती, सदर थानाध्यक्ष राजमणि सदल बल घटनास्थल पहुंच मामले की तहकीकात की.
जांच के बाद थानाध्यक्ष ने मामला जीआरपी थाना के होने की बात कह जीआरपी थानाध्यक्ष को सूचना दी. सूचना पर पहुंचे पुअनि एसएस कुमार ने मामले की छानबीन शुरू की. उन्होंने कहा कि पुलिस हरेक बिंदुओं पर छानबीन कर रही है. रिपोर्ट रेल थानाध्यक्ष को सौंपी जायेगी. उसके बाद अग्रतर कार्रवाई की जायेगी.
अपराधियों के लिए सुरक्षित जोन बन गया है रेलवे ट्रैक : शहर को दो भागों में बांटने वाली बंगाली बाजार समपार फाटक से गंगजला समपार फाटक के बीच की रेल पटरी अपराधियों के लिए सुरक्षित जोन बन गया है. कुछ माह पूर्व ही एक युवक को अपराधियों ने गोली मार दी थी. इसके अलावे मोबाइल छिनतई व छोटी-मोटी घटनाएं अक्सर होती रहती है.
लोग सनहा दर्ज करा कर अपने मन को तसल्ली दे बैठते हैं. पुलिस में पीड़ित के द्वारा शिकायत नहीं करने व पुलिस के द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किये जाने के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ता ही जा रहा है. जिसका परिणाम आम लोग भुगत रहे हैं.
