खत्म हुआ पानी, तो बूंद को तरस जाओगे

सहरसा : अंकल जल ही जीवन है. पानी खत्म हो गया तो फिर आप बूंद-बूंद तक के लिए तरस जाओगे. सोमवार को जल बचाओ अभियान के तहत ट्रेनों व प्लेटफार्म पर पानी बर्बाद करते रेल यात्रियों को स्काउट के छोटे-छोटे बच्चे कुछ इस तरह संदेश देते नजर आए. सात दिवसीय जल बचाओ अभियान के तहत […]

सहरसा : अंकल जल ही जीवन है. पानी खत्म हो गया तो फिर आप बूंद-बूंद तक के लिए तरस जाओगे. सोमवार को जल बचाओ अभियान के तहत ट्रेनों व प्लेटफार्म पर पानी बर्बाद करते रेल यात्रियों को स्काउट के छोटे-छोटे बच्चे कुछ इस तरह संदेश देते नजर आए.

सात दिवसीय जल बचाओ अभियान के तहत पूर्व मध्य रेलवे के सहरसा जंक्शन पर स्थानीय संघ भारत स्काउट गाइड के छात्र-छात्राओं ने ऊमस भरी गर्मी में करीब छह घंटे तक प्लेटफार्म पर रेल यात्रियों को संदेश ही नहीं दिया. बल्कि शुद्ध पेयजल पिलाया और हमेशा पीने की सलाह दी.
हालांकि प्लेटफार्म पर कुछ रेलयात्रियों ने वाटर बूथ यूज करने के बाद उसे खुला छोड़ दिया था. इसके बाद स्काउट के बच्चों ने पहुंचकर वाटर बूथ को बंद कर रेलयात्रियों को जल अनमोल है, इसे व्यर्थ बर्बाद न करने की सलाह दी.
इसके बाद रेलयात्रियों ने भी इस बात की शपथ ली कि अब ट्रेन व प्लेटफार्म पर कभी पानी बर्बाद नहीं करेंगे. बच्चों ने प्लेटफार्म पर रुकी ट्रेनों में चढ़कर रेलयात्रियों को निशुल्क पानी पिलाया. स्काउट गाइड के बच्चों में वीनू, मुस्कान, श्वेता, प्रियांशु, खूशबू, सरोज, गुड्डू, विवेक, मनोज, पिंटू इसके अलावा स्काउटर श्याम किशोर, आरएसएल वीके शर्मा, सुशील कुमार किस्कू आदि अभियान में शामिल थे.

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