श्रुतिकांत, सहरसा : जिला प्रशासन द्वारा बड़ी अापराधिक घटनाओं के बाद शहर के मुख्य चौक चौराहों व बाजारों में सीसीटीवी कैमरा लगाने की बात फाइल में ही दबी रह गयी. लेकिन कपड़ापट्टी के व्यवसायियों ने आपसी तालमेल से कपड़ापट्टी सहित आसपास के इलाके में सीसीटीवी कैमरा लगा मिसाल पेश किया है.
कपड़ापट्टी सहित आसपास के इलाके में लगातार अापराधिक घटनाओं व चोरी की घटना के बाद व्यवसायियों ने सफल कदम उठा साबित कर दिया कि कुछ करने की इच्छाशक्ति हो तो बड़ी से बड़ी परेशानी छोटी लगती है.
इसके अलावा भी इन बाजारों के दर्जनों दुकानदारों द्वारा अपने दुकान के सामने व अंदर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है. इसे अमलीजामा पहनाने में व्यापार संघ के अध्यक्ष केदार प्रसाद गुप्ता, कोषाध्यक्ष सुनील क्याल, पिंटू गुप्ता, विजय सेठिया, मो अम्मार सहित अन्य का सराहनीय योगदान है.
ऊपर वाला सब देख रहा है: व्यवसायियों ने बताया कि व्यापार संघ कपड़ापट्टी के द्वारा दो दर्जन से अधिक कैमरा विभिन्न जगहों पर लगाया गया है. ताकि कपड़ापट्टी, दहलान चौक, बड़ी दुर्गा स्थान रोड, स्टेशन रोड, महावीर चौक से आने जाने वाले लोगों पर तीसरी आंख से नजर रखा जा सके.
व्यवसायियों ने कहा कि आये दिन बाजार में चोरी की घटनाएं ज्यादा होती थी. वहीं कुछ दिन पूर्व एक अपराधी को हथियार के साथ पुलिस ने पकड़ा था. जो शायद किसी बड़ी घटना को अंजाम देने आया था. लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ जाने से घटना को अंजाम नहीं दे पाया था.
डीआइजी के निर्देश पर पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति: कपड़ापट्टी में अपराधी की गिरफ्तारी सहित अन्य घटनाओं को लेकर व्यापार संघ कपड़ा पट्टी के शिष्टमंडल कोसी प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक सुरेश चौधरी, जिला पदाधिकारी शैलजा शर्मा, पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार से मिल परेशानियों से अवगत कराया था. जिसके बाद डीआइजी के निर्देश पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर उन्हें व्यापार संघ के एक दुकान पर रखे रजिस्टर में अपना हस्ताक्षर बनाने का निर्देश दिया गया था.
जानकारी के अनुसार कपड़ापट्टी बाजार में हथियार के साथ एक अपराधी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी. व्यवसायियों ने कहा कि वही जिला पदाधिकारी शैलजा शर्मा ने सीसीटीवी लगाने की अपील की थी. डीएम के अपील के बाद इस व्यवस्था को अमलीजामा पहनाया गया.
कपड़े का है मुख्य बाजार : कपड़ा पट्टी मुख्य रूप से कपड़ा का थोक व खुदरा मुख्य बाजार है. बाजार में दर्जनों रेडिमेड व फैंसी कपड़ों के थोक व सैकड़ों खुदरा दुकान हैं. इसके अलावे दवाई, शृंगार सहित अन्य सामान की भी दुकान है. जानकारी के अनुसार, सहरसा सहित आसपास के जिलों के लोग कपड़े की खरीदारी के लिए यहां आते हैं.
