नाराज ग्रामीणों ने कहा, न्याय नहीं तो वोट नहीं

कसबा : कसबा बाल सुधार गृह में हुए गोलीकांड के शिकार पीड़ित परिवार को अबतक सरकारी लाभ नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार का नारा दिया है. ग्रामीणों ने कहा कि न्याय नहीं तो वोट नहीं. लगभग 12 सौ मतदाता नहीं करेंगे लोकसभा चुनाव में मतदान. बतातें चलें कि पिछले साल 19 सितंबर […]

कसबा : कसबा बाल सुधार गृह में हुए गोलीकांड के शिकार पीड़ित परिवार को अबतक सरकारी लाभ नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार का नारा दिया है. ग्रामीणों ने कहा कि न्याय नहीं तो वोट नहीं. लगभग 12 सौ मतदाता नहीं करेंगे लोकसभा चुनाव में मतदान.

बतातें चलें कि पिछले साल 19 सितंबर को पूर्णिया स्थित बाल सुधार गृह में कार्यरत हाउस फादर कसबा के सर्रा गांव निवासी विजेंद्र कुमार सहित एक बाल बंदी की हत्या बाल बंदियों द्वारा ही बाल सुधार गृह में गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी.
पूर्णिया पुलिस द्वारा इस गोलीकांड के साजिशकर्ता तथा फरार बाल बंदियों को गिरफ्तार कर लिया गया. गोलीकांड के शिकार हाउस फादर विजेंद्र कुमार की हत्या के बाद उनके घर पर नेताओं की भीड़ जुट गयी. पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा दिलवाने की घोषणा भी की गयीथी किंतु घटना के 8 माह बाद भी पीड़ित परिवार को अबतक एक रुपये का भी सरकारी लाभ नहीं मिल पाया है.
मृतक विजेंद्र कुमार की मां कलंकी देवी की मानें तो उन्हें नेताओं तथा सरकारी पदाधिकारियों द्वारा काफी आश्वासन दिया गया था किंतु न ही उनके परिवार में किसी को सरकारी नौकरी दी गयी है और न ही पारिवारिक योजना का लाभ दिया गया है. यहां तक कि मुखिया द्वारा कबीर अंत्योष्टि योजना का भी लाभ नहीं दिया गया.
नेताओं से लेकर पदाधिकारियों तक काफी चक्कर काटे पर लाभ नहीं मिला. वही इस दुख की घड़ी में सर्रा गांव वाले ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि एक गरीब परिवार को मुवाबजा दिलवाने के नाम ठगने का काम किया गया है इसलिए हम सभी गांववासी इस लोकसभा चुनाव में मतदाता का बहिष्कार करेंगे.D

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