सहरसा : केंद्र सरकार द्वारा बिहार में प्रस्तावित एम्स का निर्माण सहरसा में हो को लेकर कई दिनों से अनशन कर रहे पीपुल्स पावर के पूर्व बीडीओ गौतम कृष्ण व अन्य की स्वास्थ्य जांच के लिए शनिवार की रात अनशन स्थल गये सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ अखिलेश प्रसाद को कान पकड़ उठक-बैठक कर वापस आना पड़ा. चिकित्सक के उठक-बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. जिस पर कई तरह नकारात्मक व सकारात्मक टिप्पणी भी की जा रही है.
अनशनकारियों के अनुसार, चिकित्सक ने कहा कि एम्स सपना है. यहां नहीं हो पायेगी एम्स की स्थापना और स्वास्थ्य जांच के लिए जूता पहन कर वह अनशनकारी के पास आ गये. इसके बाद अनशनकारी उग्र हो गये. घटना के बाद रविवार को भासा से जुड़े चिकित्सकों की बैठक सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ शैलेंद्र कुमार गुप्ता की मौजूदगी में हुई. घटना पर रोष जाहिर कर चिकित्सकों ने अस्पताल प्रशासन की तरफ से दोषियों पर मामला दर्ज कराने की बात कही.
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रशासन को सूचना मिली कि अनशनकारी की हालत खराब हो रही है. जिसके बाद सदर अस्पताल से अनशनकारी को लाने के लिए एंबुलेंस भेजा गया. लेकिन अनशनकारियों ने अस्पताल जाने से इंकार कर दिया तो चिकित्सक डॉ अखिलेश प्रसाद को एक कर्मी के साथ अनशन स्थल पर भेजा गया.
अनशनकारियों के अनुसार, डॉक्टर ने आते ही कहा कि एम्स बड़ा प्रोजेक्ट है. जिसकी घोषणा हो चुकी है जो दरभंगा में बनेगा. तो फिर इस अनशन का क्या औचित्य है. इतना सुनते ही अनशनकारी व उसके समर्थक उग्र हो गये और डॉक्टर की बयान पर हंगामा करने लगे. जिसके बाद कुछ लोगों ने डॉक्टर को अपने बयान के लिए माफी मांगने को कहा.
वायरल वीडियो के अनुसार, माफी मांगने के बाद कुछ लोगों ने उन्हें कान पकड़ कर उठक-बैठक करने को कहा. चिकित्सक ने उठक-बैठक भी की. उसके बाद अनशनकारियों व उसके समर्थकों ने उन्हें जूता पहन कर आने पर भी जमकर बवाल मचाया. आक्रोशित लोगों ने कहा कि डॉक्टर अपने चैंबर जाने से पूर्व जूता व चप्पल उतार कर आने देते हैं. डॉक्टर किसी तरह वहां से निकले.
