प्रशांत सिनेमा के बंद होने से कर्मचारियों का हाल बेहाल
सहरसा : वर्ष 1973 से संचालित शहर का गौरव प्रशांत सिनेमा हॉल के प्रशासनिक आदेश पर बंद होने के बाद सिनेमा हॉल में कार्यरत करीब दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों की आजीविका पर आफत आ गयी. सिनेमा हॉल के बंद होने के आदेश के बाद हॉल के कर्मचारी एकाएक सड़क पर आ गये है. उन्हें अब इस बात कि चिंता सता रही है कि जिस सिनेमा हॉल की बदौलत उनका और उनके परिवार का भरण पोषण चलता था. अब उस परिवार का क्या होगा. हॉल के कार्यरत कर्मचारी मैनेजर रतन सिंह सहित कर्मचारी मो कलाउद्धीन, रिंकू झा, दिलीप कुमार झा, पप्पू यादव, शिवचंद्र कुमार, अरविंद कुमार,
दिनेश कुमार, चंदन यादव सहित अन्य कर्मचारियों का कहना था कि इस तरह की उम्मीद नहीं था कि प्रशांत सिनेमा हॉल में कभी ताला लगने के कारण उन्हें सड़क पर आना पड़ सकता है. कर्मचारियों का कहना था कि 2013 में सिनेमा हॉल के मालिक अशोक सिंह के आकस्मिक निधन के बाद उनकी पत्नी सुधा सिंह सिनेमा हॉल को संचालित करती आ रही थी. पारिवारिक संपत्ति विवाद के कारण हॉल के आज बंद होने से जहां शहर के गौरव को आज अज्ञात पहुंचा है. वहीं इस निर्णय से हम जैसे कर्मचारी के पेट पर लात मारने का यह प्रशासन के निर्णय को दर्शाता है.
