बेगूसराय जिले के पहसाहा गांव निवासी अधेड़ महेंद्र सिंह की मौके पर हुई मौत
पड़ोसी अनिल िसंह से पुलिस कर रही है पूछताछ
सहरसा : सदर थाना से पांच सौ मीटर की दूरी पर न्यू कॉलोनी में बेखौफ अपराधियों ने शनिवार की शाम चार बजे घर में घुस कर बेगूसराय जिले के पहसाहा गांव निवासी अधेड़ महेंद्र सिंह को गोली मार कर हत्या कर दी. सूचना मिलते ही सदर थानाध्यक्ष भाई भरत सदल बल घटनास्थल पहुंचे व पुलिस वाहन से उसे सदर अस्पताल लाया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं सदर एसडीपीओ सुबोध विश्वास ने भी घटनास्थल पहुंच मामले की छानबीन की. उन्होंने घटनास्थल से खून व मिट्टी जब्त किया.
मृतक के पुत्र पंकज ने पुलिस को बताया कि वह पटना से जनहित एक्सप्रेस से आया था और आराम करने छत पर गया था. कुछ देर बाद शोर सुनने के बाद नीचे आने पर देखा कि छह-सात की संख्या में हरबे हथियार से लैस कुछ लोग घर में घुस कर पिता पर गोली चला रहे थे. उसने मामले की जानकारी सदर थाने को दी.
पुलिस के पहुंचने से पूर्व अपराधी उसे दो गोली मार कर फरार हो गये. हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार दर्जनों चक्र गोली चली है. पंकज ने बताया कि रास्ता को लेकर विवाद चल रहा है. कुछ लोग जबरदस्ती उसके आंगन से रास्ता मांग रहे हैं. विरोध करने पर अक्सर मारपीट करते थे. एक माह पूर्व भी मारपीट की घटना
को अंजाम
सहरसा : दिनदहाड़े घर…
दिया गया था. इसको लेकर मामला भी दर्ज है. इधर अस्पताल में पोस्टमार्टम करने की प्रक्रिया की जा रही थी.
घर में थे अकेले : दवा कंपनी के मेडिकल रिप्रजेंटेटिव पंकज ने बताया कि माता सौरबाजार पीएचसी में नर्स के पद पर कार्यरत हैं. वे अपनी ड्यूटी पर गयी थी. पिता घर में अकेले थे. वह पटना से आया ही था. शायद अपराधी ने अकेला समझ कर ही घटना को अंजाम दिया. अपराधियों को शायद उसके आने के जानकारी नहीं होगी. अपराधियों ने पीछे के रास्ते से आंगन में प्रवेश किया था. पंकज ने पुलिस को आसपास के कुछ लोगों का नाम बताया है.
इसके बाद सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में सदर थानाध्यक्ष भाई भरत, सअनि राजेश यादव, सुरेंद्र यादव, सुशील सिंह सहित बीएमपी के जवानों ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कई घरों में छापेमारी व तलाशी ली. हालांकि पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली, सभी अपराधी फरार होने में कामयाब रहे.
हालांिक पुलिस ने शक के आधार पर पड़ोसी अनिल िसंह को पूछताछ के लिए थाना लायी है.
पांच साल पूर्व खरीदा था घर
पंकज ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व जमीन सहित घर खरीदा था. जो कुछ लोगों को अच्छा नहीं लग रहा था. रास्ता होने के बावजूद कुछ लोग जबरदस्ती रास्ते की मांग कर रहे थे. उसे पिलर देने नहीं दिया जा रहा था. कई बार पिलर को उखाड़ कर फेंक दिया गया था. घटना की जानकारी मिलते ही मृतक की पत्नी अस्पताल पहुंची. सामने पति का शव देख कर वह बार-बार बेहोश हो रही थी.
