Saharsa Journalist Assault Case: सहरसा सदर अस्पताल में प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ मारपीट का मामला तूल पकड़ चुका है. घटना के विरोध में गोपालगंज समेत कई जिलों में पत्रकारों ने आवाज उठाई है. अब इस मामले में नेताओं के बयान भी सामने आने लगे हैं.
सुधाकर सिंह बोले- लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी पीटा जा रहा
आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मारपीट का वीडियो हर जगह वायरल है. उनका कहना है कि जब कोई व्यक्ति अपने अधिकार की बात करने किसी विभाग में जाता है, तो उसके साथ मारपीट की जा रही है.
सुधाकर सिंह ने कहा कि अब लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी पीटा जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में आम लोगों के लिए सरकार नहीं चलाई जा रही है. सरकार माफियाओं के लिए चलाई जा रही है.
उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में अराजकता की स्थिति बनी हुई है. अस्पतालों के अंदर व्यवस्था बेहद खराब है. इसे छिपाने के लिए पत्रकारों के साथ मारपीट की जा रही है.
विधायक आईपी गुप्ता बोले- फ्रस्ट्रेशन में ऐसा कर रहे डॉक्टर
सहरसा के विधायक इंजीनियर आईपी गुप्ता ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि डॉक्टर फ्रस्ट्रेशन में आकर ऐसा कर रहे हैं. अस्पताल में कर्मियों की कमी है. उन्होंने इसके लिए बिहार सरकार को जिम्मेदार ठहराया.
आईपी गुप्ता ने कहा कि उन्होंने एसडीओ से बात की है. वह डीएम को भी पत्र लिखेंगे. जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा- दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा
इस मामले में बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है. जांच के निर्देश दिए गए हैं. मंत्री ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा.
प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मांगा शाम तक का समय
घटना के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन के लिए जुटे थे. पत्रकारों और सामाजिक संगठनों ने कार्रवाई की मांग की. इसी बीच सहरसा के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मामले का संज्ञान लिया.
प्रदर्शन से ठीक पहले उन्होंने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया. साथ ही शाम तक का समय मांगा. इसके बाद प्रदर्शन को फिलहाल रोक दिया गया.
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मांग पूरी नहीं हुई तो फिर शुरू होगा आंदोलन
प्रभारी मंत्री और वरीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद पत्रकारों और सामाजिक संगठनों ने आंदोलन कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है. हालांकि, उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा. बताया गया है कि शाम को कैंडल मार्च के साथ आंदोलन शुरू करने की तैयारी है. अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है.
डॉक्टर एसके आजाद बोले- 'फ्लो-फ्लो में हो गया'
इस मामले में कथित मारपीट को लेकर डॉक्टर एसके आजाद का भी पहली बार रिएक्शन सामने आया है. सोमवार को प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार रोहित और आदर्श ने उनसे बात करने की कोशिश की.
पत्रकारों ने उनसे पूछा कि पत्रकार अभिषेक के साथ मारपीट करने वाले 20 लोग कौन थे? क्या इस घटना से सरकार या स्वास्थ्य मंत्री की छवि खराब हो रही है? सवाल सुनते ही एसके आजाद ने कहा, 'फ्लो-फ्लो में हो गया.'
गलती और माफी के सवाल पर चुप्पी
पत्रकारों ने डॉक्टर एसके आजाद से यह भी पूछा कि क्या वह अपनी गलती मानते हैं और इसके लिए माफी मांगेंगे. इस सवाल पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद कैमरा बंद करा दिया गया.
