साधु यादव बोले- शहाबुद्दीन की वजह से यादव समाज बदनाम हुआ, भांजे तेजस्वी को भी दी नसीहत

Bihar Politics: लालू यादव के बड़े साले और पूर्व सांसद साधु यादव ने एक पॉडकास्ट में शहाबुद्दीन, तेजस्वी यादव और अपने परिवार को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने शहाबुद्दीन पर बड़ा बयान दिया और तेजस्वी यादव को जनता के बीच जाने की सलाह दी.

Bihar Politics: लालू यादव के बड़े साले और पूर्व सांसद साधु यादव ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कई मुद्दों पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन, तेजस्वी यादव, अपने भाई सुभाष यादव और लालू यादव को लेकर बेबाक राय रखी.

साधु यादव ने कहा कि शहाबुद्दीन की वजह से यादव समाज और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा. उन्होंने दावा किया कि शहाबुद्दीन के पास उनके सामने खड़े होने की भी हिम्मत नहीं थी. उनका कहना था कि कुछ लोगों की वजह से पूरे समाज और राजनीतिक संगठन को गलत तरीके से देखा जाने लगा.

तेजस्वी यादव को दी जनता के बीच जाने की सलाह

तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर बात करते हुए साधु यादव ने कहा कि अगर उन्हें सत्ता में वापसी करनी है तो रोजाना हजारों लोगों से मिलना होगा. उन्होंने कहा कि नेताओं को जनता के बीच रहना चाहिए और लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए. जनता से सीधा संवाद ही राजनीति की सबसे बड़ी ताकत होती है.

‘गलत लोगों के चक्कर में मत पड़ो’

साधु यादव ने तेजस्वी यादव को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें गलत लोगों की संगत से बचना चाहिए और सीधे कार्यकर्ताओं व आम लोगों से जुड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब नेता जनता के बीच जाता है तो उसे असली मुद्दों और लोगों की जरूरतों की जानकारी मिलती है.

पप्पू यादव का भी किया जिक्र

बातचीत के दौरान साधु यादव ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज भी पप्पू यादव उनसे मिलने उनके घर आते हैं और पुराने रिश्तों को निभाते हैं.

छोटे भाई सुभाष यादव पर साधा निशाना

इंटरव्यू में साधु यादव ने अपने छोटे भाई सुभाष यादव पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि राजद को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की, लेकिन सुभाष यादव की गतिविधियों की वजह से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा. उन्होंने कहा कि गलत काम कोई और करता था, लेकिन बदनामी उनके हिस्से में आती थी.

कैसे पड़ा ‘साधु’ नाम?

साधु यादव ने अपने नाम से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया. उन्होंने बताया कि उनके जन्म के समय घर पर साधुओं का आना-जाना था. जन्म के बाद साधुओं ने उन्हें देखकर कहा था कि यह बच्चा साधु है. तभी से परिवार और गांव के लोग उन्हें साधु कहकर बुलाने लगे.

लालू यादव को लेकर दिखे नरम

करीब एक घंटे के पॉडकास्ट में साधु यादव का रुख लालू यादव को लेकर अपेक्षाकृत नरम दिखाई दिया. उन्होंने लालू यादव के संघर्ष और राजनीतिक सफर का जिक्र किया. साधु यादव ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान लालू यादव लंबे समय तक उनके ससुराल में रहे थे. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कई नेताओं ने अलग-अलग समय पर लालू यादव को सामाजिक न्याय का बड़ा नेता बताया था.

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Published by: Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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