Bihar News: रोहतास के डेहरी-ऑन-सोन में बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए विद्युत आपूर्ति विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है. विभाग की टीम शहर से लेकर गांव तक घर-घर पहुंच रही है. अधिकारी और कर्मचारी उपभोक्ताओं से बकाया राशि जमा कराने के साथ ही कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी कर रहे हैं.
घर-घर जाकर वसूली कर रही टीम
अभियान के तहत विभागीय अधिकारी और कर्मचारी लगातार उपभोक्ताओं से संपर्क कर रहे हैं. जिन लोगों का बिजली बिल लंबे समय से बकाया है, उन्हें तुरंत चुकाने के लिए कहा जा रहा है. विभाग के कनीय अभियंता सुजीत कुमार ने बताया कि राजस्व वसूली के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है. टीम घर-घर जाकर बिल की वसूली कर रही है. जिन उपभोक्ताओं ने भुगतान नहीं किया, उनके बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं.
गुरुवार को कई कनेक्शन काटे गए
गुरुवार को विभाग ने कई बकायेदार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए. हालांकि कुछ लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए मौके पर ही बकाया राशि जमा कर दी. अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जांच की जा रही है. जिन उपभोक्ताओं पर पांच हजार से लेकर बीस हजार रुपये या उससे अधिक का बकाया है और वे भुगतान नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
कनेक्शन कटने पर देना होगा शुल्क
विभाग ने साफ किया है कि कनेक्शन कटने के बाद बिजली दोबारा चालू कराने के लिए उपभोक्ताओं को निर्धारित शुल्क देना होगा. सिंगल फेज उपभोक्ताओं के लिए रीकनेक्शन शुल्क 100 रुपये तय किया गया है. वहीं तीन फेज छोटे उद्योगों के लिए 900 रुपये का शुल्क देना होगा. इसके बाद ही बिजली आपूर्ति फिर से बहाल की जाएगी.
समय पर बिल भरने पर छूट
बिजली विभाग ने समय पर बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं के लिए छूट की व्यवस्था भी की है. बिल जारी होने के 15 दिनों के अंदर भुगतान करने पर 1.5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. इसके अलावा अगर उपभोक्ता ऑनलाइन भुगतान करते हैं, तो उन्हें एक प्रतिशत अतिरिक्त छूट भी मिलेगी. विभाग का कहना है कि इससे लोगों को समय पर बिल भुगतान के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.
स्मार्ट मीटर की निगरानी बढ़ी
बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की निगरानी भी बढ़ा दी है. जिन इलाकों में मीटर बाईपास कर बिजली चोरी की आशंका है, वहां विशेष व्यवस्था की जा रही है. ऐसे क्षेत्रों में डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर पर खास मीटर लगाए जा रहे हैं. इसके जरिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि बिजली चोरी को रोका जा सके.
प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को राहत
विभाग ने यह भी बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं को फिलहाल प्रति यूनिट 25 पैसे की रियायत दी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि अभियान का मकसद राजस्व बढ़ाना और बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाना है. विभाग ने उपभोक्ताओं से समय पर बिजली बिल जमा करने की अपील की है, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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