बीइइ कंपनियों के साथ मिल कर कर रहा काम
सासाराम शहर : बिजली के बढ़ते बिल से उपभोक्ता परेशान हो जाते हैं, लेकिन थोड़ी सी जागरूकता उनकी जेब पर पड़नेवाले अतिरिक्त खर्च को कम कर सकती है. बाजार में कई ऐसे उपकरण बिक रहे हैं, जो बिजली कम खपत करते हैं. राज्य में बिजली उत्पादन की स्थिति अच्छी नहीं हैं, लिहाजा जितनी बिजली मिल रही है, उसे किफायत से इस्तेमाल करना जरूरी है. घरों व प्रतिष्ठानों में खपत कम करके बिजली लोड व खर्च कम किया जा सकता है.
कंपनियां अब लोगों के बिजली बिल को ध्यान में रख कर घरेलू उपकरण बना रही है, लेकिन इसकी जानकारी बहुत कम उपभोक्ताओं को है. दुकान पर उपभोक्ताओं का ध्यान कीमत पर ही रहता है. लेकिन, कम यूनिट खपत करनेवाले उपकरण पर ध्यान नहीं रहता. ऐसे में उन्हें भारी-भरकम बिजली बिल चुकाना पड़ता है. बड़ी कंपनियों के कम बिजली खपत वाले स्टार ग्रेडिंग उपकरण बाजार में आ गये हैं. जितने स्टार ज्यादा, उतनी बिजली यूनिट कम खर्च होगी. यानी 185 लीटरवाले पांच स्टार ग्रेडिंग वाले रेफ्रीजरेटर से सबसे कम बिजली खर्च होती है.
इसमें 299 यूनिट बिजली एक साल में खर्च होती है. अमूमन इतने यूनिट एक आम उपभोक्ता के मीटर में हर माह आते है. दो से चार स्टार तक वाले उपकरण इसके मुकाबले ज्यादा बिजली यूनिट खर्च करते हैं. एक संस्था ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिसिऐंसी (बीइइ) बिजली यूनिट बचाने की दिशा में उपकरण बनाने वाली कंपनियों के साथ मिल कर काम कर रही है. इस संस्था की ओर से संयंत्र पर पांच स्टार तक का मोनोग्राम लगा होता है, जिसमें जितने स्टार उतने कम यूनिट का खर्च का फंडा समझाने की कोशिश की गयी है.
विकल्प के रूप में सौर ऊर्जा को अपनाएं
बिजली के विकल्प के रूप में सौर ऊर्जा को अपनाया जा सकता है. अब तो कम से कम 20 हजार रुपये तक में सौर ऊर्जा का संयंत्र आ जाता है. इसमें दिन भर सूर्य की किरणों से चार्ज होने वाले सौर ऊर्जा संयंत्र से तीन सीएफएल, तीन पंखे 24 घंटे चला सकते हैं.
सौर ऊर्जा से इन्वर्टर भी कीजिए चार्ज
अब सौर ऊर्जा से इन्वर्टर भी चार्ज होने लगे हैं. इसमें सौ ऊर्जा उपकरण में सोलर प्लेट लगानी पड़ती है. खपत के अनुसार प्लेट लगा कर इनवर्टर चार्ज कर सकते हैं. 240 वोल्ट का पैनल लगाने पर 12 एंपियर की चार्जिंग देगा. सौर ऊर्जा उपकरण से प्लेट लगाने का अलग खर्च आता है. 55 से 60 रुपये वाट के हिसाब से एक पैनल आता है.
अब इन्वर्टर से भी चलेगा फ्रिज
बाजार में इन्वर्टर से संचालित होने वाले रेफ्रिजरेटर भी आ रहे हैं. बिजली से या सौर ऊर्जा से इनवर्टर चार्ज करके फ्रिज चलाया जा सकता है. इसमें 29 वाट की बिजली खर्च होगी. यानी 15 वाट की दो सीएफएल के बराबर इनवर्टर से बिजली का खर्च है जबेकि बिजली से 180 वाट लेता है.
इसका भी करें प्रयोग
उपभोक्ताओं को एलइडी बल्ब का प्रयोग करना चाहिए. इससे कम बिजली खपत में सीएफएल के मुकाबले दोगुनी रोशनी मिलती है, गारंटी भी सीएफएल से अधिक रहती है. इससे 50 फीसद तक बिजली को बचाया जा सकता है.
इसका भी रखें ध्यान
बिजली की जितनी जरूरत हो उतना ही उपयोग करें. घर में बिजली के उपकरण कम यूनिट खर्च करने वाले हीं खरीदें. मीटर की क्षमता से ज्यादा भार उस पर न डालें.
