उपेक्षा. गंदा पानी व कचरे से प्रदूषित हुआ रौजा तालाब का पानी
बैंक कॉलोनी की तरफ कचरा निकला, पर बस्ती तरफ से नहीं
सासाराम नगर : शेरशाह मकबरा तालाब में काफी मात्रा में नालियों का पानी व कचरा इनलेट नहर के माध्यम से जा रहा है. हालांकि, 28 व 29 जनवरी को मनाये जाने वाले शेरशाह महोत्सव की तैयारी जोर-शोर से चल रही है. इसके लिए इनलेट नहर की सफाई भी की जा रही है. इस पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं. सोमवार से मजदूर लगा तालाब की भी सफाई करायी जा रही है. इन सबके बीच इनलेट नहर में नालियों का गंदा पानी व गंदगी गिरने पर रोक नहीं लगी. इसके कारण तालाब में गंदा पानी ही जा रहा है. लोगों का कहना है कि एक तरफ से सफाई शुरू हो रही है और दूसरी तरफ से बड़े-बड़े नाले का पानी इनलेट नहर में गिर रहा है. वही पानी रौजा तालाब में जा रहा है.
सफाई की खानापूर्ति : इनलेट नहर की मुकम्मल सफाई नहीं हो रही है. बिना अतिक्रमण हटाये नहर की सफाई करायी जा रही है. दो सप्ताह से सफाई का काम शुरू है. अब तक सौ मीटर भी मुकम्मल सफाई नहीं हो सकी है. वन विभाग के पीछे अवैध तरीके से बस्ती को बचाया जा रहा है.
बैंक कॉलोनी की तरफ मशीन लगा कर नहर से कचड़ा निकाला गया. जबकि, बस्ती के तरफ अभी नहर में कचड़ भरा पड़ा है. गैस एजेंसी मोड़ पर जीटी रोड के किनारे के नाले का पानी इनलेट नहर में गिर रहा है. बड़ी मात्रा में कचरा नाले के पानी के साथ जा रहा है. सोमवार को गैस एजेंसी मोड़ पर अर्थमूवर (जेसीबी) नहर की सफाई कर रहा था. जब ऑपरेटर से नाले की ओर इशारा किया गया, तो उसने बोला साहब हमें कचरा निकालना है. नालों की ओर देखने की मनाही है. ये तो हम भी देख रहे हैं. अगर नाले का पानी नहीं रोका गया तो दो माह में ही इस नहर कि स्थिति फिर बदतर हो जायेगी.
महोत्सव की तैयारी : 28 व 29 जनवरी को शेरशाह महोत्सव कार्यक्रम की जिला प्रशासन जोर-शोर से तैयारी करा रहा है. इसी कार्यक्रम को ले पर्यटन मंत्री रविवार को अधिकारियों के साथ बैठक की थी. कार्यक्रम पर लगभग 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है. बाहर से नामचीन गायक व कलाकार इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. स्वाभाविक है जो अतिथि कार्यक्रम में आयेंगे वे शेरशाह मकबरे का दीदार जरूर करेंगे. उस समय स्थानीय प्रशासन की कलई खुल जायेगी.
सासाराम. एक तरफ धरोहर हो रहा नष्ट, दूसरी तरफ प्रशासन द्वारा शेरशाह महोत्सव मनाने की तैयारी कर रही है. केवल दिखावा के लिए शेरशाह मकबरा परिसर की सफाई की जा रही है. उक्त बातें पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष डॉ शिवनाथ चौधरी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही. उन्होंने कहा कि यही नहीं चंदनत शहीद पहाड़ स्थित केंद्रीय संरिक्षत स्मारक अशोक शिलालेख का अस्तित्व ही समाप्त हो रहा है. आज तक जिला प्रशासन उसे मुक्त नहीं करा सकी. इसके लिए कई बार आंदोलन हुआ. एक व्यक्ति विशेष द्वारा बंद कर दिया गया है.
धरोहर सलीम साह तकिया तालाब का भी अस्तित्व खत्म हो चुका है. इस तालाब से सरकार को मछली पालने वालों से लाखों रुपये राजस्व वसूलती है. इस पर प्रशासन का ध्यान नहीं जाता. तालाब के अधिकतर भाग पर अतिक्रमण कर मकान बना दिये गये है. नाले का पानी तालाब में गिरता है. ऐसे में जिला प्रशासन का शेरशाह महोत्सव का आयोजन कर 40 लाख रुपये खर्च करने जा रही है. आयोजन में बाहरी कलाकारों को मौका दे कर स्थानीय कलाकारों को नजर अंदाज किया जा रहा है. रुपये की बंदरबांट के अलावा कुछ नहीं है.
