सासाराम नगर. नगर पर्षद द्वारा इनलेट नहर के दोनों तरफ नाला का निर्माण कराया गया था. नाले का निर्माण कराने का उद्देश्य था कि इनलेट नहर में नालियों का पानी नहीं गिरने देना था. मगर संवेदक नियम को ताक पर रख कर मनमाने तरीके से नाले का निर्माण कराया.
इससे लोगों के घरों का पानी उक्त नाले में नहीं जाता है. नाले की तल की ऊंचाई ज्यादा है. नतीजा लोगों के घरों के नालियों का पानी इनलेट नहर में गिरता है. इस मामले को लेकर काराकाट के पूर्व विधायक राजेश्वर राज ने अपने कार्यकाल में विधानसभा में इस पर अावाज उठाया था. इसकी जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन डीएम अनुपम कुमार को मिला था. वर्षों गुजर गये अब तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आया है.
