बिक्रमगंज/करगहर : नगर पंचायत के उर्दू प्राथमिक विद्यालय धनगाई में जागरूकता बैठक का आयोजन नगर पंचायत अध्यक्ष रंजू देवी की अध्यक्षता में हुई. बैठक में वार्ड छह, सात, आठ व नौ के लोगों ने भाग लिया. एसडीओ राजेश कुमार ने कहा कि गांव के किनारे से गुजर रही सड़क पर शौच करना गांव के लिए कलंक है. इस मार्ग से जो भी लोग गुजरते हैं वे इस गांव को भला-बुरा कहने से नहीं चुकते है. साथ ही इससे कई तरह की बीमारियां भी होती है. घर की महिलाएं शौच के लिए घर से बाहर जाती हैं, तो उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
उन्होंने बैठक में उपस्थित लोगों खासकर महिलाओं को अपने-अपने मुहल्ले को खुले में शौच मुक्त करने के लिए आगे आने का आह्वान किया. बैठक को यूनिसेफ के मनु कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी सुरेश राम, जदयू के प्रखंड उपाध्यक्ष मकसूद खां आदि ने संबोधित किया. मौके पर समाजिक कार्यकर्ता गुप्तेश्वर प्रसाद गुप्ता, अजीत दास, धर्मेंद्र कुमार वार्ड पार्षद खुर्शीद बानो, सरिता देवी, राजू प्रसाद गुप्ता, विकास मित्र प्रेम कुमार, संध्या देवी, पूनम कुमारी, मीरा देवी, बसंती देवी, मनौअर खां, ब्रह्मानंद सिंह, रंग बहादूर सिंह, शशि सिंह अादि थे.
इधर, करगहर में किसान महासंघ के संस्थापक रामाशंकर सरकार ने जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए डीएम द्वारा की जा रही सकारात्मक पहल का स्वागत किया है. उन्होंने इसको शत प्रतिशत लागू करने के लिए डीएम से गांवों में भी सार्वजनिक शौचालय बनवाने की मांग करते हुए कहा कि प्रत्येक गांवों में ऐसे परिवार हैं, जिनके पास रहने के लिए आज भी अपनी जमीन नहीं है. ये लोग सड़क के किनारे या छवर पर घर बना जीवन यापन करते हैं.
सरकारी नियमानुसार ऐसे लोगों का शौचालय बनाने का प्रावधान भी नहीं है, जिनके पास अपना जमीन नहीं है, उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे परिवारों का सर्वे करना चाहिए व इनकी संख्या के अनुसार सभी गांवों में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस संबंध में शीघ्र ही किसान महासंघ का एक शिष्टमंडल डीएम मिल कर अपना प्रस्ताव रखेगा. उन्होंने कहा कि सभी गांंवों में किसान महासंघ के कार्यकर्ता भी लोगों को खुले में शौच नहीं करने के लिए घर घर जाकर उन्हें जागरूक करने का काम कर रहे है.
