दुकानदारों को मुफ्त मिली भूमि

फुटपाथ से आने-जाने में होती है लोगों को परेशानी सासाराम कार्यालय : कुछ वर्ष पहले नगर पर्षद ने पुराने जीटी रोड के उत्तर के नालों को ढक कर फुटपाथ बनाया था. उस समय पैदल चलनेवालों को लगा था कि फुटपाथ सिर्फ उनके लिए बन रहा है. जब बन कर तैयार हुआ, तो लोग अपने को […]

फुटपाथ से आने-जाने में होती है लोगों को परेशानी
सासाराम कार्यालय : कुछ वर्ष पहले नगर पर्षद ने पुराने जीटी रोड के उत्तर के नालों को ढक कर फुटपाथ बनाया था. उस समय पैदल चलनेवालों को लगा था कि फुटपाथ सिर्फ उनके लिए बन रहा है. जब बन कर तैयार हुआ, तो लोग अपने को ठगा हुआ महसूस करने लगे. फुटपाथ कुछ दूर तक ही बन कर रह गयी. बाद के दिनों में किनारे के दुकानदारों ने फुटपाथ पर कब्जा जमा लिया.
हालात यह हो गये हैं कि अब फुटपाथ कहीं-कहीं नजर ही नहीं आता है. कई जगह नाले पर बने फुटपाथ ने दुकानदरों को सुरक्षित जमीन दे दिया है, तो कई जगह दुकानदार उसको भी पार कर कट्ठे भर सरकारी जमीन पर सामान रखने लगे हैं. नगर पर्षद कलेक्ट्रेट व उसके आस-पास के फुटपाथ पर लगाने वाले ठेले-खोमचों वालों को ही काबू करने में व्यस्त है. इन स्थायी रूप से अतिक्रमणों पर उसकी नजर नहीं जा रही है.
सरकारी भूमि का धड़ल्ले से उपयोग
शहर के महिला कॉलेज, अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय के सामने, नगर पर्षद के बगल में, नेहरू शिशु उद्यान के पास के अधिकरत दुकानदार अपने सामने की सरकारी भूमि का उपयोग कर रहे हैं. सबसे ज्यादा जमीन महिला कॉलेज व अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय के समीप अतिक्रमित की गयी है. यहां के अधिकतर दुकानदार सड़क तक शेड लगा कर अपनी दुकान सजाते हैं. इससे कचहरी आने वाले लोगों को पैदल चलने का भी जगह नहीं बचता है.
गत दिनों तकनीकी सेल की बैठक में डीएम ने शहर के पुरानी जीटी रोड के चौड़ीकरण की योजना पर बात की थी. इस तरह की बात पहले के भी कई जिलाधिकारियों ने की थी. वर्ष 2014 में चौड़ीकरण के नाम पर सड़क से सटे किनारों पर सीमेंट से बनी ईंटों को लगाया गया था. जो कई जगह उखड़ गयी. वहां पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है. अगर सड़क के किनारों की सरकारी भूमि को खाली करा दिया जाये, तो करीब-करीब 80 फुट चौड़ी भूमि खाली हो जायेगी. उस पर 40 फुट का सड़क भी बनता है, तो फुटपाथ, पार्किंग आदि की व्यवस्था हो सकती है.
बन सकता है वाहन स्टैंड
न्यायालय परिसर की सुरक्षा को लेकर जब पुरानी जीटी रोड के दक्षिण किनारों से बाइक लगाने की मनाही हुई, तो बाइकों का जमावड़ा सड़क पर लगने लगा. जबकि, उत्तर किनारे सरकारी भूमि बाइक स्टैंड के लिए पर्याप्त है. हालांकि, इस बेकार पड़ी भूमि पर जगह-जगह स्टैंड बना कर इसका सही इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इस दिशा में न तो जिला प्रशासन और न नगर पर्षद ने ही कभी ध्यान दिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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