मुख्यमंत्री की निश्चय यात्रा के दौरान व्यवस्थित रहा था शहर
सासाराम नगर : मुख्यमंत्री के जाते ही शहर की सूरत बदल गयी. शहर के चौक-चौराहे अपने पुराने लुक में दिखने लगे हैं.
पुराने जीटी रोड पर वाहनों के चक्के फिर से थमने लगे़ पोस्ट ऑफिस चौक पुनः जाम से अस्त-व्यस्त दिखने लगा. सब्जी लदे दर्जनों ठेलेवालों का पुराने जीटी रोड पर कब्जा हो गया. ऑटो चालक चौक पर वाहन खड़ा कर सवारी बैठाने में लगे हैं. उनसे कोई पूछनेवाला नहीं. सत्ता अब इनके हाथों में आ गयी है. ट्रैफिक पुलिस के जवान भी अपने हैं. रोज साथ रहना है, भाईचारे का रिश्ता है. बड़े अधिकारियों को इससे मतलब है नहीं. सब कुछ अपने हिसाब से चलाना है. शुक्रवार को पोस्ट ऑफिस चौक व पुराने जीटी रोड की स्थिति को देख कई लोग कह उठे अब अपना शहर अपने नेचुरल लुक में आ गया.
चार दिन तक ऐसी थी व्यवस्था: चार दिन तक ऐसा लग रहा था कि हम किसी दूसरे शहर में है. मुख्यमंत्री के आगमन को ले कर जिला प्रशासन 19 दिसंबर से ही ट्रैफिक व्यवस्था को दुरूस्त कर दिया था. मुख्य सड़क व चौक-चौराहे से अतिक्रमण का हटा दिया गया था़
सड़क पर वाहन खड़ा करने की इजाजत नहीं थी. ऑटो व ठेलावाले मौके की नजाकत को समझ सिकुड़ गये थे. धर्मशाला चौक से लेकर फजलगंज गैस एजेंसी मोड़ तक पुराना जीटी रोड चौड़ा व साफ सुथरा दिख रहा था. वाहन सरपट दौड़ रहे थे. कभी ट्रैफिक नियम का फॉलो नहीं करनेवाले बस चालक भी नियम का पालन कर रहे थे. ट्रैफिक पुलिस के जवानों को चार दिनों तक डंडा पटकने की जरूरत ही नहीं पड़ी. पुलिस वाहनों के सायरन सुनते ही ऑटो वाले भी कतारबद्ध हो जाते थे.
