मामला बासमती धान के उत्पादकों के 3.30 करोड़ रुपये की ठगी का
आहत किसान मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन कर अपने रुपये दिलाने की करेंगे मांग
सासाराम कार्यालय. शहर में दो दिनों से रोहतास व कैमूर के किसान डेरा डाले हुए हैं. उन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखनी है.चेतना सभा के दौरान प्रदर्शन के जरिये वे अपने डूबे 3.30 करोड़ रुपये दिलाने के साथ पांच आरोपितों के विरुद्ध जारी वारंट का तामिला कराने की बात भी करेंगे. किसानों को सबसे बड़ी परेशानी है कि उनके ही 32 हजार क्विंटल धान जो शहर के स्टेट फूड कॉरपोरशन के गोदाम में रखा था, उसे दिखा ठगों ने केनरा बैंक से 7.50 करोड़ रुपये का लोन ले लिया था. बैंक ने 7.50 करोड़ की जगह करीब पांच करोड़ रुपये गोदाम में रखे किसानों के धान की निलामी से वसूल लिया. लेकिन, 305 किसानों में से किसी को भी एक फूटी कौड़ी तक नसीब नहीं हो सका. हाथ का चेक बाउंस होता गया. थानों में एफआइआर व न्यायालय में परिवाद दायर होते गये. उनकी संख्या करीब दो सौ तक पहुंच चुकी है.
न्यायालय से आरोपितों को पकड़ने के लिए अबतक आठ वारंट जारी हो चुके हैं. बावजूद इसके आरोपितों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है. विडंबना है कि एफआइआर हुए करीब दो वर्ष हो रहे हैं, पर अबतक थाना ने न्यायालय में चार्ज सीट तक जमा नहीं किया है. इस संबंध में अधिवक्ता सह पीड़ित किसान विद्या शंकर सिंह ने कहा कि हमारी हालत अजीब हो गयी है. सीएम व डीएम के जनता के दरबार में गुहार लगा चुके हैं.
एसपी से कई बार बात हो चुकी है. लेकिन, हमारे संबंध में कोई कही से कार्रवाई करता नहीं दिख रहा है. ऐसे में हमारे पास आंदोलन के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है. चेतना सभा के दौरान हम प्रदर्शन करेंगे. शायद मुख्यमंत्री का ध्यान हमारे पर पड़े और कुछ मामला आगे बढ़े.
