अब तक 19 नहरों में से दो का ही पूरा हो पाया काम

अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा नहीं दिये जाने से रुका काम चेनारी : दुर्गावती जलाशय परियोजना से जुड़ी नहरों का निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर जल संसाधन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है. दुर्गावती जलाशय नहर प्रमंडल चेनारी से निकलने वाली कुल 19 नहरों में से दो का ही काम पूर्ण हो चुका है. […]

अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा नहीं दिये जाने से रुका काम
चेनारी : दुर्गावती जलाशय परियोजना से जुड़ी नहरों का निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर जल संसाधन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है. दुर्गावती जलाशय नहर प्रमंडल चेनारी से निकलने वाली कुल 19 नहरों में से दो का ही काम पूर्ण हो चुका है. बाकी वितरणियों का कार्य भू-स्वामियों से अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा नहीं होने के कारण अभी भी अपूर्ण है. जिससे क्षेत्र के किसानों को दुर्गावती जलाशय का पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है़ जल संसाधन विभाग ने इस समस्या के निदान के लिए कैंप लगा कर भू-स्वामी को भुगतान करने का निर्देश दिया है. रिवर क्लोज का कार्य मार्च 2017 तक नहर वितरण से जुड़े सभी कार्य पूर्ण कल लेने का निर्णय लिया गया है.
खुदाई में भुगतान का पेच: अभी बहुत से किसानों को उनके खेतों से होकर गुजर रही नहरों की खुदाई का मुआवजा अब तक नहीं मिल पाया है, जिससे नहर प्रणाली बिलासपुर व आलमपुर का काम शुरू होने के बावजूद बीच में ही रोक दिया गया. वहीं, उरदा नहर का मामला भी अधर में लटका है.
वहीं, कई नहरों का काम अब शुरू ही नहीं हो पाया है. मजे की बात यह है कि नौ नहरों का काम होने पर संशय मंडरा रहा है. विभाग ने इसके लिए विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी को उच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार कैंप लगा कर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
स्थानीय विधायक ललन पासवान ने विधानसभा में जल संसाधन मंत्री ललन सिंह से प्रश्नकाल में पूछने के दौरान कि दुर्गावती जलाशय परियोजना का कार्य कब तक पूरा हो जायेगा विधायक के प्रश्न के जवाब में मंत्री ललन सिंह ने मार्च 2017 तक दुर्गावती जलाशय परियोजना के बचे सभी कार्यों को पूरा करने का आश्वासन दिया था.
वहीं, विधायक ललन पासवान ने अधिकारियों पर आरोप लगाया अधिकारियों व संवेदकों की मिलीभगत के कारण ही दुर्गावती जलाशय परियोजना का कार्य पूरा नहीं हो रहा है. इस संबंध में अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि टेंडर हो गया है तत्काल उसमें काम लगेगा. साथ ही विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि कैंप लगाकर बाकी बचे जमीनों का भुगतान करें, ताकि बाद में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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