मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सरकारी भवने होने लगे चकाचक
कहीं पेंट-पोचारा, तो कहीं कण-कण की हुई सफाई
सासाराम सदर : मुख्यमंत्री की निश्चय यात्रा को लेकर जिले में तेज हो गयी है़ जिला प्रशासन द्वारा सरकारी विभाग से जुड़े सभी कार्यों को पूरा करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया गया है़ सरकारी भवन से लेकर सड़क तक की साफ-सफाई में कोई कसर नहीं बरती जा रही है़
समाहरणालय व जिला परिसदन तक में डेंटिंग-पेंटिंग कर उसे सजाने में मजदूर लगे हैं. सभी विभाग अपने सभी संबंधित कार्य, बिजली, पानी, सफाई, सुरक्षा आदि के प्रति जागरूक दिख रहे हैं. प्रशासन का पूरा प्रयास है कि कहीं किसी प्रकार की कोई खामी बाकी न रहे. मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए सभी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अधिकारी एवं प्रशासनिक कर्मियों को विशेष निर्देश दिया जा रहा है. यह देख लोग बरबस यह कहने लगे हैं कि काश! मुख्यमंत्री का आगमन बराबर हुआ करे तो शहर क्या विभाग तक की काया पलट सकती है.
चल रहा स्वच्छता अभियान: मुख्यमंत्री के आगमन को ले कर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी जोर शोर से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है. इस आलोक में संझौली प्रखंड के पंचायतों में साफ सफाई की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री के सात निश्चय योजना के कार्यों को पारदर्शिता के साथ हर घर में नल जल और बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार, संझौली प्रखंड में मुख्यमंत्री का 22 दिसंबर के आगमन को ले लोगों में काफी उत्साह है. उनके स्वागत के लिए सड़क के कण कण तक तथा पथ व पगडंडियों के किनारे लगे घास एवं अन्य कचरों की सफाई की जा रही है.
जो काम स्थापना दिवस पर होना चाहिए वह अब हो रहा: मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर हो रही व्यवस्था को देख समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष मंगल सिंह कुशवाहा ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जिला स्थापना दिवस पर सरकारी भवनों को कभी भी डेंटिंग पेंटिंग नहीं कराया गया़ मुख्यमंत्री के आगमन को ले कर सारी सरकारी भवनों को रंगरोगन करने में प्रशासन जुट गया है.
आश्चर्य की बात यह है कि जो कार्य जिला स्थापना दिवस पर होना चाहिए था वह मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए किया जा रहा है. भाजपा के पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं. सभी कार्यों को सुदृढ़ किया जा रहा है. गली, नाली की साफ सफाई किया जा रहा है. परंतु अभी चंद दिनों पहले जब जिला का स्थापना दिवस मनाया गया तब ऐसी कोई विशेष व्यवस्था दिखने को नहीं मिली.
