पानी की किल्लत से जूझते रहे लोग

जुलूस के दौरान हर वर्ष बिजली आपूर्ति कर दी जाती है ठप सुरक्षा का हवाला दे कदम उठाता है प्रशासन सासाराम नगर : दुर्गापूजा व मुहर्रम में बिजली रहते हुए भी बिजली के लिए शहरवासी पूरे 50 घंटे तक तरसते रहे. यह कोई नयी बात नहीं है. शहरवासियों के साथ हर वर्ष यही होता है. […]

जुलूस के दौरान हर वर्ष बिजली आपूर्ति कर दी जाती है ठप
सुरक्षा का हवाला दे कदम उठाता है प्रशासन
सासाराम नगर : दुर्गापूजा व मुहर्रम में बिजली रहते हुए भी बिजली के लिए शहरवासी पूरे 50 घंटे तक तरसते रहे. यह कोई नयी बात नहीं है. शहरवासियों के साथ हर वर्ष यही होता है. पर्व की खुशी बिजली नहीं होने के कारण फीकी पड़ जाती है.
पूरा शहर अंधेरे में डूब जाता है. लोग रोशनी मिलने का इंतजार तो करते ही है. लगभग आधा शहर पानी की एक बूंद के लिए तरसने लगता है़ प्रशासन सुरक्षा का हवाला देकर बिजली आपूर्ति बंद करा देती है. यह बहुत हद तक सही भी है. बिजली रहने पर जुलूस में खतरा हो सकता है़ लेकिन लोगों का कहना है कि जब हर बार यही होता है, तो प्रशासन इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं निकालता है.
लगभग 50 घंटे तक शहर में बिजली आपूर्ति ठप रही. इस दौरान पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहा लोग पानी के लिए दौड़ लगाते रहे. बिजली नहीं रहने पर पानी की आपूर्ति भी ठप हो जाती है. शहर का जो क्षेत्र ढलान पर है वहां तो पानी पहुंच जाता है, मगर जो क्षेत्र ऊंचाई पर है वहां पानी नहीं पहुंचता़ वैसे भी लगभग शहर की आधी आबादी सप्लाइ के पानी पर ही निर्भर है़
प्रशासन सुरक्षा का हवाला देती है. यह तो बहाना है. प्रशासन के नाकामी का. कई दशक बीत गये. यही होता रहा है. जब भी यह पर्व आता है बिजली काट दी जाती है़
निर्मला श्रीवास्तव, कोठाटोली निवासी
बिजली रहने पर घटना हो सकती है, तो प्रशासन इस का समाधान निकाले. सड़क पर गड्ढा है, तो प्रशासन इसका मरम्मत कराये कि सड़क को ही बंद कर देंगे आप.
पुरूषोत्तम कुमार, शेरगंज
बिजली बंद होने से बसे ज्यादा परेशानी घर की महिलाओं को होती है़ पर्व आने का इंतजार रहता है. मगर जैसे ही बिजली आपूर्ति ठप होती है मन अज्ञात भय से कांप उठता है.
तेजा कुंवर, जानी बाजार
प्रशासन की शिथिलता के कारण पर्व की खुशी चिंता में बदल जाती है. यह नयी समस्या नहीं है. हर वर्ष यही होता है. बस बहुत हुआ इस का स्थायी समाधान निकाले प्रशासन.
रिजवान अहमद, शाहजुमा
प्रशासन तो जनहित में ही उठाता है कदम
दुर्गापूजा व मुहर्रम में जुलूस निकाला जाता है. शहर में बिजली के तार की ऊंचाई सुरक्षा मानक से बहुत कम है. अगर ताजिया या मां दुर्गा की प्रतिमा तार के संपर्क में आ जाये तो बड़ा हादसा हो सकता है. प्रशासन तो जनहित में यह कदम उठाता है. शहर में केबल लगाया जा रहा है. उम्मीद है अगले वर्ष तक काम पूरा हो जाये.
अमरेंद्र कुमार, एसडीओ, सासाराम
पानी स्टोर करने के लिए दी गयी थी बिजली
अभी तो 20 दिन पहले जिले में योगदान किया हूं. मुझे इसकी जानकारी नहीं है. विभाग या जिला प्रशासन के आदेश का पालन कर रहा हूं. अगर केबल (कॉपर वायर) लगने से बिजली आपूर्ति बंद नहीं करनी पड़ेगी, तो बहुत जल्द तेजी से इस पर काम चलेगा. वैसे बुधवार को चार घंटे के लिए बिजली की आपूर्ति हुई थी, ताकि लोग पानी स्टोर कर लें.
विश्वजीत कुमार सिन्हा, इओ, बेदा

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