भैंसहा निर्मल पंचायत में बना छह बेडों का उपस्वास्थ्य केंद्र उपेक्षित
इंद्रपुरी : सरकार के लाखों प्रयासों के बावजूद प्रखंड की ग्रामीण चिकित्सा व्यवस्था की हालत सुधर नहीं रही है़ अधिकतर प्रखंड में डॉक्टरों की कमी व संसाधनों के अभाव में व्यवस्था काफी लचर हो गयी है.
इसी तरह की मार झेल रहा है डेहरी प्रखंड के भैंसहा निर्मल पंचायत में बना छह बेड वाला स्वास्थ्य उपकेंद्र सुजानपुर जो आज 18 वर्षों से उपेक्षित है़ इसके कारण स्वास्थ्य उपकेंद्र अक्सर बंद ही रहता है. ग्रामीणों के अनुसार 1997 में इस उपस्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हुआ था. इसका उद्घाटन पूर्व सांसद कांति सिंह ने किया था़
स्थानीय आनंद पांडेय, रंजीत तिवारी, शंकर दूबे, हीरा सिंह, अंकित कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र में न डॉक्टर है न दवा. दो एएनएम का नाम उपकेंद्र की दीवार पर अंकित है. लेकिन, वह भी नहीं आती हैं. गांव के लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है.
खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग निजी क्लिनिक व झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में अपनी जान गंवा देते हैं. स्वास्थ्य प्रबंधक गणेश प्रसाद ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंद्र सुजानपुर में फिलहाल दो एएनएम कार्यरत है. जो प्रत्येक दिन पंचायत क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण में लगी रहती हैं. इसके कारण स्वास्थ्य उपकेंद्र रोजाना खुल नहीं पाता है.
