ब्रह्माकुमारी के तरफ से गौरक्षणी में कुरीतियों को दूर करने के लिए होगा नाटक का मंचन
सासाराम शहर : शहर में दशहरा त्योहार की धूम मची है. कही महाप्रसाद का वितरण हो रहा है, तो कही महाआरती के आयोजन की तैयारी हो रही है. इसी बीच प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने दशहरा के मौके पर रामायण के एक प्रमुख पात्र कुंभकर्ण के नाटक से देश व समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने फैसला लिया है. ब्रह्माकुमारी के तत्वावधान में दशहरा के दौरान शहर के गौरक्षणी मुहल्ले में कुंभकरण के चरित्र पर आधारित नाटक का मंचन किया जायेगा. कुंभकरण ज्ञानगंगा नाटक की सप्तमी से लेकर दशमी तक प्रतिदिन सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रस्तुति होगी. जीवंत झांकियों के माध्यम से जनमानस को कुंभकरण की निंद्रा से जगाने का प्रयास कलाकार करेंगे. प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बीके बबीता ने बताया कि लोग कलयुग के पहले चरण की शुरुआत को समझ अभी तक कुंभकरण निंद्रा में सोये हुए हैं.
झांकियों के माध्यम से लोगों को संदेश दिया जायेगा कि हे मानव अब तो अज्ञानता रूपी निंद्रा से जागो और मावन जीवन के लक्ष्य को पहचानों. अब सोने का समय नहीं है. प्रदर्शनी में मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश भगवान, ज्ञानगंगा व भारत माता की प्रतिमाएं स्थापित की जायेगी. उन्होंने बताया कि नाटक में स्थानीय व कुछ बाहर के कलाकार भाग लेंगे. गौरतलब है कि पिछले वर्ष विश्वविद्यालय के लोगों ने महिषासुर मर्दन का नाटक किया था, जिसे लोगों ने काफी सराहा था.
