उड़ी की घटना के विरोध में युवाओं ने निकाला आक्रोश मार्च
डेहरी कार्यालय : देशभक्ति की जज्बा लिए साै से अधिक बाइकों पर निकले शहर के युवाओं के हाथों में लहराते तिरंगा व भारत माता की जयकाो से देश भक्ति के रंग में पूरा शहर डूब गया. डालमियानगर के झंडा चौक मैदान से निकला आक्रोश मार्च चुना भठ्ठा चौक, आंबेडकर चौक होते कर्पूरी चौक पहुंचा, जहां पाकिस्तान के झंडे जलाये गये व पाकिस्तान विरोधी नारे लगाये गये़ आक्रोश मार्च में शामिल लोग पाली रोड, एकता चौक होते हुए पुनः झंडा चौक मैदान में पहुंचे़
मौके पर वरीय अधिवक्ता बैरिस्टर सिंह ने कहा कि उड़ी की घटना ने यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तान अपने नापाक इरादे को नहीं छोड़ेगा. ऐसे में भारत सरकार को कठोर कदम उठाना चाहिए. समाजसेवी प्रमोद महतो ने कहा कि शहीदों की शहादत को केंद्र सरकार जाया नहीं जाने दे.
आइएचआरए के चेयरमैन दानिश परवेज ने कहा कि भारत की सरकार को ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए.भाजपा जिला उपाध्यक्ष निर्दोश पांडेय ने कहा कि हम सारे भारतवासियों को अपने अपने घरों से एक एक सदस्य को देश की सेवा के लिए सेना में भरती करना चाहिए. राजद के जिला महासचिव सहनवाज खान ने कहा कि भारत के संप्रभुता व अखंडता पर हमला करने वालों का हम नौजवान मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार हैं.
युवा नेता बिट्टू महतो ने कहा कि अगर सरकार हम युवाओं को इजाजत दे तो हम पाकिस्तान में घुस कर अपने शहीदों का बदला लेने को तैयार हैं. जदयू नेता लल्लू चौधरी ने कहा कि उरी की घटना के बाद देश के युवाओं का खून खोल रहा है. हमें भारत सरकार के निर्णयों का इंतजार है. आक्रोश मार्च में आयुष, प्रिंस, अंबुज, निलेश, सैल, रौशन, मुमताज अंसारी, रवि शर्मा, कृष्णा सिंह, सिद्धांत रंजन सिंह, धनजी यादव, सुनील पांडेय, सोनू चौधरी, कर्मजीत सिंह ब्रजेश, तुषार चौरसिया, सोनू सिंह आदि थे.
