कहा-अमन का पैगाम हमने देकर देख लिया, अब मौका आ गया है अंतिम फैसले का
सासाराम शहर : कश्मीर के उड़ी स्थित सेना मुख्यालय पर पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा भारतीय सैनिकों पर हुए कायराना हमले से शहर के नौजवानों का खून खौल उठा है. पाक के नापाक हिंसक कार्रवाई में शहीद हुए 18 जवानों के शहादत का देश के नौजवान व युवा वर्ग हिसाब मांगना चाहता हैं.
पाक आतंकियों के कायरतापूर्ण हमले के विरोध में गुरुवार को शहर में छात्रों व युवाओं ने आक्रोश मार्च निकाल कर पाकिस्तानियों को संदेश दिया कि अब भारत के नौजवान चुप नहीं बैठने वाले हैं. युवाओं ने पाक को चेतावनी देते हुए कहा कि अमन का पैगाम हमने देकर देख लिया अब मौका आ गया है अंतिम फैसले का. केंद्र सरकार को या तो पाक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए भारतीय सेना को बंधनों से मुक्त कर जवाबी कार्रवाई की आजादी देनी होगी. नहीं तो देश की सीमा की कमान नौजवानों को सौंप दिया जाये जिससे आर-पार का फैसला हो सके़ युवाओं का आक्रोश मार्च गौरक्षणी से शुरू हो पोस्टऑफिस चौक, शिवघाट, जानी बाजार, नवरतन बाजार, चौक बाजार, मदार दरवाजा, धर्मशाला, लालगंज, चौखंडी, नूरनगंज सहित अन्य जगहो से होते हुए हनुमानगढ़ी में आकर विशाल सभा में तब्दील हो गया. यहां पाक पीएम नवाज शरीफ का पुतला दहन किया.
आक्रोश मार्च में शामिल सुधीर संयासी ने कहा कि सभी युवा वर्गों में देश प्रेम का जज्बा कूट-कूट कर भरा है. सभा को चंदन दूबे, अनिल, विशाल कुशवाहा, शिव मौर्या, चीकु सिंह, जैकी कुमार, धीरज, प्रीतम गुप्ता, सत्येंद्र सोनी, अर्जुन शर्मा, राजाबाबू, अमित कुशवाहा, सोनू यादव, गौतम कुमार, सागर कुमार, गोविंद महतो, बिकी दूबे, दिवाकर महतो, सुदामा महतो, प्रमोद महतो, अमरजीत मौर्या, आलोक महतो आदि ने संबोधित किया़
