सासाराम : प्रभात खबर की टीम सबसे पहले राजकीयकृत मध्य विद्यालय फजलगंज, सासाराम पहुंची. टीम ने वहां 288 नामांकित छात्रों में से 198 काे उपस्थित पाया. लेकिन मिड डे मील 167 बच्चों ने ही खाया. 31 बच्चे पढ़ाई के दौरान कक्षा में उपस्थित थे, लेकिन मिड डे मील बंटने के समय अपने घरों को चले गये. प्रधानाध्यापिका प्रतिमा कुमारी श्रीवास्तव ने बताया कि पास में होने के कारण कुछ बच्चे खाना खाने को घर चले जाते हैं. आइवीआरएस के आंकड़ों से मिलान करने पर पाया कि दोनों के आंकड़े में अंतर थे.
सीवान : राजकीय मध्य विद्यालय कचहरी, सीवान में मिड डे मील बंटने के समय 344 छात्र उपस्थित दिखे. लेकिन 300 छात्रों ने ही खाना खाया. आइवीआरएस में दर्ज आंकड़ों से मालूम हुआ कि यह केवल एक दिन का मामला नहीं है. प्रधानाचार्या कुमारी मंजू श्रीवास्तव ने भी माना कि कुछ बच्चे विद्यालय में बने खाना को पसंद नहीं करते.
बेतिया : राजकीय मध्य विद्यालय हरनाथ, बेतिया में बोर्ड पर बच्चों की उपस्थिति 240 लिखी थी. वहां मिड डे मील खाने वाले बच्चों की संख्या केवल 119 दिखी.
दरभंगा : दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड में स्थित मध्य विद्यालय ओझोल में टीम पहुंची, तो केवल 155 बच्चों को मिड डे मील खाते हुए देखा. प्रधानाचार्य प्रभात कुमार ने विद्यालय में 528 बच्चों के आने और सभी के मिड डे मील लेने का दावा किया.
पूर्णिया : मध्य विद्यालय महेंद्रपुर, पूर्णिया में मिड डे मील का जायजा लेने गयी टीम को आठ बच्चे खाना बंटने के समय स्कूल में होने के बावजूद भी खाना नहीं खाते दिखे. इसके बावजूद प्रधानाचार्य ने स्कूल में उपस्थित सभी बच्चों को आईवीआरएस में लाभार्थी के रूप में दर्ज करवा दिया.
आइवीआरएस के आंकड़े
रामवि, सासाराम : एडमिशन-385,
उपस्थिति – 198, मील लिया – 175
रामवि, सीवान : नामांकित – 681
उपस्थिति – 654, मील लिया – 300
रामवि, बेतिया : नामांकित-360
उपस्थिति -0, मील लिया-0
मवि, दरभंगा : नामांकित – 796
उपस्थिति – 28, मील लिया – 1
मवि, पूर्णिया : नामांकित – 681
उपस्थिति – 427, मील लिया – 427
बोले निदेशक : मीड डे मील योजना को हम बेहतर ढंग से चलाने का प्रयास कर रहे हैं. शिकायत मिलती है, तो त्वरित जांच कराते हैं. आपके माध्यम से भी कोई वैसी सूचना पहुंचेगी, तो उस पर कार्रवाई करेंगे.
हरिहर प्रसाद, निदेशक, एमडीएम
