डाकघर में बैंकिंग का काम ठप

बिक्रमगंज : डाकघरों को नयी तकनीक से लैस करने व लोगों को डिजिटल सुविधा देने के लिए किये गये प्रयासों की वजह से ग्राहकों की नींद गायब हो गयी है. शहर के उप डाकघर में नेट बैंकिंग व डाटा इंट्री के नाम पर महीनों से काम बंद पड़ा है. इसका खामियाजा ग्राहकों को भुगतना पड़ […]

बिक्रमगंज : डाकघरों को नयी तकनीक से लैस करने व लोगों को डिजिटल सुविधा देने के लिए किये गये प्रयासों की वजह से ग्राहकों की नींद गायब हो गयी है. शहर के उप डाकघर में नेट बैंकिंग व डाटा इंट्री के नाम पर महीनों से काम बंद पड़ा है. इसका खामियाजा ग्राहकों को भुगतना पड़ रहा है.
हर महीने जमा होने वाले मासिक किस्त अप्रैल, 2016 के समय से ही जमा नहीं हुआ है. इससे ग्राहक काफी परेशान है और अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है. पूछने पर सीधा जवाब मिलता है कि अब तक मशीन में सुधार नहीं हुआ है इस लिए जमा नहीं होगा.
वर्षों से मासिक किस्त जमा करते आ रहे दंत चिकित्सक सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि महीनों से मेरा किस्त जमा नहीं हुआ है. जमा होने वाली किस्त का जुर्माना कौन देगा इस संबंध में जब डॉक्टर सिद्धार्थ को उप डाकपाल ने बताया कि जब भी जमा होगा किस्त का जुर्माना ग्राहक को ही देना होगा.
बोले अधिकारी
बिक्रमगंज उपडाकघर के उप डाकपाल मंजय कुमार ने बताया कि कोर बैंकिंग के वजह से करीब चार माह से परेशानी है. इसे दिन रात लग कर सुधारने का प्रयास जारी है. अगस्त 2016 तक पूरा सिस्टम सुधर जायेगा. ग्राहकों को भी धैर्य रखना चाहिए. जुर्माने वाली राशि पर उप डाकपाल ने कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे.
क्या कहते हैं ग्राहक
ग्राहक डॉ सिद्धार्थ कुमार, डॉ पंकज कुमार, राजू सेठ ने बताया कि एक तरफ जहां केंद्र सरकार डाकघरों को सीबीएस से जोड़ कर सभी कार्यों को शुरू कराने का काम कर रही है वहीं यहां आने पर ग्राहकों को परेशान किया जा रहा है़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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