सासाराम (नगर) : पहले पैसे की लोभ में अपने छह माह के बच्चे को बेचा. ममता जगी. तो अपने बच्चे की मांग करने लगी. मामला पुलिस तक पहुंचा तो जेल जाना पड़ गया. शुक्रवार को जेल जाते समय पलामू के जपला चौबे गांव की सुनीता देवी ने कहा कि में पैसे की लोभ में बहक गयी थी, जिसका मुझे सजा मिल रहा है. इस मामले में बच्चा बेचने खरीदने व मध्यस्थता करने वाली तीन महिलाओं को पुलिस गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दी. जेल जाने से पहले बच्चा खरीदने वाली महिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के नंद गांव निवासी प्रिया पांडेय ने बताया कि एक माह पहले की बात है.
मेने सुन रखा था कि बिहार के सरकारी व निजी अस्पताल में आसानी से बच्चा मिल सकता है. अपनी निःसंतान बहन लता पांडेय के लिए एक बच्चा लेने सासाराम अस्पताल पहुंची. जहां मुझे संझौली निवासी सियामुनी देवी से मुलाकात हुई. बातों बात में मैंने अपनी इच्छा बतायी. मैने कहा कि अगर आप मुझे एक बच्चा दिला देंगी, तो मैं पांच लाख रुपये तक खर्च कर सकती हूं. सियामुनी ने मेरा मोबाइल नंबर ले कर कहा कि कल मैं बताऊंगी. अगले दिन उसने एक महिला सुनीता देवी को ले कर आयी. बच्चा भी साथ में था. सौदा तीन लाख में तय हो गया. मैं 50 हजार एडवांस दे कर वापस गाजियाबाद एक सप्ताह बाद पैसे की इंतजाम कर सासाराम आयी और पूरे पैसे दे कर बच्चे को अपने साथ ले गयी. 10 दिन बाद सुनीता व सियामुनी मेरे मोबाइल पर फोन कर बच्चे की मांग करने लगी. साथ ही धमकी देते हुए कहने लगी अगर मेरा बच्चा वापस नहीं लौटायी तो तुम्हारे विरुद्ध पुलिस के पास हमलोग जायेगी. डर से मैं वापस बच्चे को ले कर सासाराम पुलिस से आपबीती सुनायी, तो पुलिस मुझे गिरफ्तार कर जेल भेज रही है. मेरा तो पैसा भी गया और बदले में जेल जाना पड़ रहा है.
