मुख्य पार्षद के निर्विरोध चुने जाने की भी लगायी जा रहीं अटकलें
25 जून को होगा फैसला
सासाराम कार्यालय : नगर पर्षद के मुख्य पार्षद का चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है. गुरुवार को हाइ कोर्ट से मुख्य पार्षद नाजिया बेगम की बरखास्तगी पर स्टे ऑर्डर नहीं आने के बाद पार्षदों सहित शहर के राजनीतिज्ञ सक्रिय हो उठे. आपसी चर्चाओं का दौर जोर पकड़ चुका है. पक्ष व विपक्ष के कई पार्षदों के पटना में होने के कारण शहर में गोलबंदी जो धीमी पड़ी थी, जो शाम होते ही तेज हो गयी. जानकारों ने कहा कि इस बार के मुख्य पार्षद का चुनाव निर्विरोध होगा. इसके पीछे तर्क है कि घोटाले का खुलासा होने और हाल के दिनों में कोषागार में भुगतान रोकने की कार्रवाई ने अधिकतर पार्षदों को एक मंच पर ला दिया है. घोटाले का छींटा पड़े पार्षदों को दरकिनार करने की कवायद चल रही है.
जानकारों की माने, तो इस चुनाव में पैसा ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है. कुछ जो हमेशा से पक्ष व विपक्ष से दूरी बना कर चले हैं, उनकी बोली लगेगी. लेकिन, पार्षद एक मत की राय बनाने में लगे हैं.
शहर के उत्तरी क्षेत्र की पार्षद जोड़-तोड़ के लिए हाथ-पांव मार अब अपनी किस्मत को बड़े बाबा के आशीर्वाद पर छोड़ दी हैं. पूर्व में मुख्य पार्षद रह चुकी एक पार्षद ने भी अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है.
शहर की पूर्वी क्षेत्र की एक पार्षद कुछ कर गुजरने को तैयार हैं, लेकिन अधिकतर का मत घोषित रूप से विपक्ष की उम्मीदवार शहर के मध्य की पार्षद की ओर ही है. ऐसे में निर्विरोध की गुंजाइश बनती है. बहरहाल 25 जून की दोपहर तक देखना है कि मुख्य पार्षद का ताज किसके सर पर सजता है.
