जिले में शहरों की संख्या छह है और प्रशिक्षित ट्रैफिक पुलिस बलों की संख्या 12 है़ जिला मुख्यालय में ही ट्रैफिक समस्या अधिक है़ अधिकतर चौक-चौराहे खाली ही रहते हैं. 12 ट्रैफिक पुलिस को सासाराम, डिहरी व बिक्रमगंज में लगाया गया है़ बाकी तीन नगर पंचायत खाली ही है़
सासाराम (नगर) : शहर में दो चौराहों पर रोटरी क्लब ने ट्रैफिक पोस्ट बनाया है. रंगीन ट्रैफिक पोस्ट शहर को नया लुक दे रहे हैं. लेकिन, इन ट्रैफिक पोस्टों पर यातायात को संभालने व जाम से बचाने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान नहीं है. यह रंगीन ट्रैफिक पोस्ट विरान नजर आते हैं.
शहर में कुछ ऐसे भी चौराहे हैं, जहां ट्रैफिक पोस्ट नहीं है, लेकिन वहां वाहनों का दबाव अधिक है. इन जगहों पर भी ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था नहीं है. चौराहों पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए पुलिस बलों की तैनाती नहीं होने से यातायात की व्यवस्था बिगड़ते रहती है. जानकारों की माने, तो पूरे जिले में मात्र 12 पुलिस बल ही ट्रैफिक संचालन के लिए प्रशिक्षित हैं.
जबकि, जिले में दो नगर पर्षद व छह नगर पंचायत हैं. ऐसे में दो-दो प्रशिक्षित पुलिस बलों को भी एक शहर में दिया जाये तो वह कम पड़ जायेंगे. शहर के सात चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की जरूरत: शहर में सात प्रमुख चौराहे हैं जहां ट्रैफिक पुलिस की जरूरत महसूस की जाती है. अति व्यस्त पोस्ट ऑफिस चौराहे पर करीब चार की संख्या में पुलिस बलों की नियुक्ति है. बाकी चौराहों पर किसी खास व्यक्ति के आने पर कभी कभार पुलिस बल ट्रैफिक कंट्रोल करते दिख जाते हैं. सबसे पुराना गांधी स्मारक चौक, न्यू एरिया मोड़, संत पॉल स्कूल मोड़, फजलगंज बैंक, कॉलोनी मोड़ आदि चौराहों पर पुलिस बलों की नियुक्ति नहीं होने से वाहनों के यातायात में परेशानी होती है.
नये ट्रैफिक पोस्ट कर रहे इंतजार
हाल के दिनों में रोटरी क्लब ने तीन चौराहों पर ट्रैफिक पोस्ट बना जनता को समर्पित किया. एक तो पहले से स्थापित पोस्ट ऑफिस चौराहे के पोस्ट का जीर्णोंद्धार कराया, उसे नया लुक दिया. इसके बाद एक करगहर मोड़ व दूसरा काली स्थान परिसदन चौक पर नया ट्रैफिक पोस्ट बनाया गया है. इन दोनों पर अब तक एक भी पुलिस बलों की नियुक्ति नहीं हो सकी है. यह ट्रैफिक पोस्ट पुलिस बलों का इंतजार कर रहे हैं.
