हादसों की आशंका

बिजली के पोलों व ट्रांसफॉर्मरों पर पहले खतरे के संकेत वाले बोर्ड दिखते थे, जो अब कहीं नहीं दिखते है़ विभाग इसको लेकर उदासीन दिख रहा है़ बोर्ड लगे होने से लोग बिजली के पोल व ट्रांसफाॅर्मर के पास जाने से बचते थे़ डेहरी ऑन सोन : बिजली विभाग द्वारा सड़क किनारे, चौक-चौराहों, गली-मुहल्लों में […]

बिजली के पोलों व ट्रांसफॉर्मरों पर पहले खतरे के संकेत वाले बोर्ड दिखते थे, जो अब कहीं नहीं दिखते है़ विभाग इसको लेकर उदासीन दिख रहा है़ बोर्ड लगे होने से लोग बिजली के पोल व ट्रांसफाॅर्मर के पास जाने से बचते थे़

डेहरी ऑन सोन : बिजली विभाग द्वारा सड़क किनारे, चौक-चौराहों, गली-मुहल्लों में ट्रांसफॉर्मर व बिजली के पोल लगाये गये हैं. इन ट्रासफॉर्मरों के पोलों पर गिने चुने जगहों पर ही खतरे के संकेत का बोर्ड दिखता है. अधिकतर ट्रांसफॉर्मर व पोलों पर यह बोर्ड नहीं दिखता है. विभागीय लापरवाही के कारण नहीं लगाये जाने से आये दिन खतरा बना रहता है. विभागीय सूत्रों की माने, तो जहां-जहां पोल व ट्रांसफॉर्मर लगाये वहां-वहां खतरे का संकेत वाला बोर्ड लगाना है, ताकि-आते जाते राहगिर जान जायें कि इस उपकरण को छूना नहीं है. लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण गिरने चुने बिजली के ट्रांसफॉर्मर व पोलों पर ही बोर्ड दिखता है.

क्या है जरूरी

सड़क किनारे गली मुहल्लों में विद्युत आपूर्ति के लिए लगाये गये. ट्रांसफॉर्मर व पोल के पास खतरे के संकेत का बोर्ड नहीं रहने से आते-जाते लेाग छू देते हैं. इससे कोई न कोई घटना हो जाती है. खतरा संकेत का बोर्ड रहने से राहगिरों को संकेत करता है. ट्रांसफॉर्मर पर लगाये गये बिजली का पोल खतरा से खाली नहीं है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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