करगहर स्थित एसबीआइ एटीएम में रुपये डालने पहुंचे राइटर सेफ गार्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मचारी कर्मचारियों से हुई 20 लाख रुपये की कथित लूट की घटना का पुलिस ने 20 घंटे बाद उद्भभेदन कर लूट के 20 लाख रुपये भी बरामद कर लिये हैं. बैंक कर्मचारी ने अपने सहयोगियों की मदद से घटना को अंजाम दिया था.
सासाराम(रोहतास) : मंगलवार की रात साढ़े नौ बजे जिले के करगहर स्थित एसबीआइ एटीएम में रुपये डालने पहुंचे राइटर सेफ गार्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों से हुई 20 लाख रुपये की कथित लूट की घटना का पुलिस ने 20 घंटे बाद उद्भभेदन कर लूट के 20 लाख रुपये भी बरामद कर लिये हैं.
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आलोक रंजन ने बताया कि करगहर में हुई फर्जी लूट की घटना को एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने गंभीरता से लेते हुए उनकी अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया था. टीम द्वारा घटना के अनुसंधान के क्रम में यह बात प्रकाश में आया कि बैंककर्मी अपने सहयोगियों के साथ एक षड्यंत्र के तहत लूट का झूठा नाटक किया था और वैन में रखे बीस लाख रुपये को गायब कर दिया था. यह लूट की झूठी कहानी गढ़ गयी थी.
पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने और आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ करने पर मामले का खुलासा हुआ. लूट का एफआइआर दर्ज करानेवाले एसबीआइ के कैशियर निर्भय कुमार के कुदरा स्थित निवास से लूट के 20 लाख रुपये बरामद कर लिये गये. आरोपित पुलिस ने स्वीकार किया कि उन्होंने आपसी सहयोग से लूट की घटना को अंजाम दिया था.
उनकी निशानदेही पर लूट के बीस लाख रुपये व सात लाख रुपये जो मल्हीपुर एटीएम में डालने के लिए थी. उसे भी बरामद किया गया. गिरफ्तार अपराधियों में लालापुर गांव निवासी निर्भय कुमार, पिता कन्हैया प्रसाद, अमृत कुमार पिता राम एकबाल सिंह, दरिगांव निवासी लक्ष्मण शर्मा, पिता रामवचन शर्मा, बक्सर निवासी एक अन्य बैंक के कैशियर कुमुद रंजन तिवारी, पिता कमलाकांत तिवारी, बिशुनपुरा निवासी भरत प्रसाद, पिता मेडलाल ठाकुर, भोजपुर गांव निवासी विनोद कुमार व पिता विश्वनाथ सिंह शामिल हैं.
सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है. सारे आरोपी बैंक के ही कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड हैं. डीएसपी ने बताया कि उद्भेदन टीम में करगहर थानाध्यक्ष विनोद कुमार, सीआइ कमलेश कुमार, सीढ़ी थानाध्यक्ष विजेंद्र कुमार, सअनि करगहर थाना जयनंदन पासवान, संतोष कमार वर्मा प्रभारी डीआइयू शामिल थे. टीम के सभी सदस्य को वरीय पदाधिकारी ने पुरस्कृत करने का आश्वासन दिया है.
