गरीबों को अब न्याय पाना हो गया मुश्किल
अब "10 के जगह "100 का टिकट लगता है शपथ पत्र पर, वेलफयर पर पांच रुपये की जगह लग रहा 15 रुपया का टिकट
बिक्रमगंज (कार्यालय) : आम लोगों को सुलभ व सस्ता न्याय दिलाने के लिए सरकार के अलावा न्यायालय भी हमेशा प्रयासरत रहा है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग भी न्यायपालिका से लेकर कार्यपालिका तक दस्तक देकर न्याय पा सके. लेकिन, इन दिनों कोर्ट फीस के अलावा वेलफेयर आदि में निरंतर बढ़ोतरी होने से न्याय पाना आम लोगों के बूते के बाहर होता जा रहा है.
न्याय की आस लिए न्यायपालिका से कार्यपालिका तक दौड़ लगा रहे कई भुक्तभोगी लोगों ने कहा कि अनुमंडल कोर्ट से लेकर सिविल कोर्ट में जहां पहले शपथ पत्र पर 10 रुपये का तथा वेलफेयर पर पांच रुपये का टिकट लगता था. अब सीधे शपथ पत्र पर एक सौ रुपये और वेलफेयर पर 15 रुपये का टिकट लग रहा है.
इसके अलावा भेंडरों के द्वारा कालाबाजारी का धंधा भी इन दिनों काफी बढ़ गया है. यहां खुलेआम दोगुने दामों पर टिकट बेचे जा रहे हैं, जिससे सुलभ और सस्ती न्याय पाना आम लोगों से बाहर होता जा रहा है. न्यायालयों में दस्तक देकर न्याय पाने की फरियाद करने वाले पीड़ित दुर्गेश किशोर तिवारी ने बढ़े कोर्ट फीस को कम करने और कालाबाजारी पर लगाम लगाने की मांग सरकार से की है.
टिकट के कालाबाजारी के संबंध में पूछे जाने पर एसडीओ राजेश कुमार ने बताया कि व्यवहार न्यायालय परिसर में टिकट की मशीन लगायी गयी है, जितना का टिकट चाहिए उतना पैसा जमा करने पर कागज पर टिकट प्रिंट कर दिये जाते हैं. टिकट के लिए वेंडरों के पास जाना ही नहीं है.
