2257 में 719 चापाकल बंद

जिले के जल स्तर में तेजी से गिरावट जारी है. सबसे ज्यादा परेशानी पहाड़ी इलाके में देखने को मिल रही है. पीएचइडी जिले के कई गांवों में टैंकर से पानी की सप्लाइ कर रहा है. गिर रहे जलस्तर से भयावह हो रही स्थिति सासाराम (रोहतास) : गरमी के कारण अप्रैल में ही जिले के भूजल […]

जिले के जल स्तर में तेजी से गिरावट जारी है. सबसे ज्यादा परेशानी पहाड़ी इलाके में देखने को मिल रही है. पीएचइडी जिले के कई गांवों में टैंकर से पानी की सप्लाइ कर रहा है.
गिर रहे जलस्तर से भयावह हो रही स्थिति
सासाराम (रोहतास) : गरमी के कारण अप्रैल में ही जिले के भूजल स्तर में काफी गिरावट आयी है. इससे पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गयी है. अभी आनेवाले समय में जलस्तर में और गिरावट आने की संभावना जतायी गयी है. इस माह के शुरुआत में ही जिले के पहाड़ी इलाके में पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है. नौहट्टा में तो जल स्तर 36 फुट नीचे चला गया है.
पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल समस्या के कारण पशुपालक मवेशियों को लेकर गांवों से पलायन कर गये हैं. अधिकतर लोग सोन नदी के किनारे अपना बसेरा बना लिये हैं. जिले के जीटी रोड के दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्रों में जल स्तर में काफी तेजी से गिरावट आयी है. इसमें नौहट्टा प्रखंड के उल्ही बनाही पंचायत, भदारा, जयंतीपुर, यदुनाथपुर सहित पहाड़ों पर बसे सैकड़ों गांवों में जल स्तर में काफी गिरावट आयी है.
इधर, पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता राम अयोध्या ठाकुर ने बताया कि नौहट्टा में 2257 चापाकल हैं. इसमें से 1538 चालू हैं. बाकी चापाकलों में नया पाइप जोड़ कर उसे चालू करने का प्रयास किया जा रहा है. 20 गांवों में टैंकर के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति करायी जा रही है. टैंकरों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 35 सौ लीटर पानी पहुंचाया जा रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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