बैठने की भी जगह नहीं !

आरा-सासाराम रेल खंड के बिक्रमगंज स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं की काफी कमी है. यात्रियों को धूप में ही गाड़ियाें का इंतजार करना पड़ता है. प्रतीक्षालय तो बन कर तैयार है, लेकिन यात्रियों के लिए इसे नहीं खोला गया है. इसके अलावा शौचालय व पेयजल की भी किल्लत है. बिक्रमगंज : आरा-सासाराम रेलखंड के बिक्रमगंज रेलवे […]

आरा-सासाराम रेल खंड के बिक्रमगंज स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं की काफी कमी है. यात्रियों को धूप में ही गाड़ियाें का इंतजार करना पड़ता है. प्रतीक्षालय तो बन कर तैयार है, लेकिन यात्रियों के लिए इसे नहीं खोला गया है. इसके अलावा शौचालय व पेयजल की भी किल्लत है.
बिक्रमगंज : आरा-सासाराम रेलखंड के बिक्रमगंज रेलवे स्टेशन पर एक दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं की काफी कमी है. यहां से रोज आरक्षण व सामान्य टिकटों की बिक्री से करीब 40 हजार रुपये की आय होती है. पेयजल, शौचालय, शेड आदि को लेकर यात्रियों को काफी परेशानी होती है. हालांकि, यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय का निर्माण किया गया है. इसका उद्घाटन मुगलसराय रेल मंडल के डीआरएम ने 2015 में ही किया था. लेकिन अब तक उसे यात्रियों बैठने के लिए नहीं खोला गया है. फिलहाल यह प्रतीक्षालय रेलवे का स्टोर रूम बना हुआ है.
यात्री प्रतीक्षालय व शेड के अभाव में स्टेशन से दूर पेड़ की छाये में यात्रियों को खड़े होकर गाड़ी का इंतजार करना पड़ता है. शौचालय व पेयजल की सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. सबसे अधिक परेशानी महिला यात्रियों को होती है. शौच के लिए स्टेशन के बाहर खुले में खेतों में जाना पड़ता है. एक तरफ सरकार खुले में शौच नहीं करने की कहती है, वहीं दूसरी ओर रेलवे की लापरवाही के कारण लोगों को खुले में शौच करना पड़ता है.
पेयजल की यहां तो कोई व्यवस्था नहीं है. कहने को तो चार-चार चापाकल लगा है, लेकिन एक भी चापाकल चालू हालत में नहीं है. गरमी के मौसम में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण अमीर व संपन्न लोग दुकानों से पानी के बोतल खरीद कर उपयोग करते है. लेकिन, गरीब यात्रियों को पानी नसीब नहीं होता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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