पेयजल किल्लत को लेकर लोगों का गुस्सा फूटने लगा है. मड़नपुर गांव के लोगों ने पीएचइडी पहुंच कर विरोध जताया. गांव में 98 प्रतिशत लोग बीपीएल में आते हैं. अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए एक टीम को वहां भेजा.
सासाराम (नगर) : शहर के दक्षिणी इलाके में अभी से ही पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है. गरमी का मौसम शुरू होते ही भू-जल स्तर तेजी से नीचे खिसकने के कारण कई गांवों के चापाकल सूख गया है. ऐसे में इन गांव के लोग पेयजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है.
पानी के संकट के कारण इन क्षेत्रों के पशुपालक भी अपने जानवरों के साथ पलायन करने लगे हैं.शहर के दक्षिणी इलाका कादिरगंज, खैरी, भदोखरा, महरनिया, करपुरवा आदि गांवों में पेयजल का संकट बना हुआ है. बावजूद इससे निबटने के लिए प्रशासन के पास कोई ठोस नीति नहीं बन पायी है. पेयजल संकट से जूझ रहे भदोखरा पंचायत के मड़नपुर गांव के लोगों ने पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यालय पर प्रदर्शन किया. घेराव का नेतृत्व कर रहे माड़नपुर गांव निवासी अमर कुमार ने बताया कि मड़नपुर गांव में लगभग सौ घर हैं. इसमें 98 प्रतिशत लोग बीपीएल है.
गांव में चार हैंड पाइप है. इसमें तीन चापाकल खराब है. एक चापाकल पर पूरा गांव के लोग पानी के लिए निर्भर है. एक मात्र बचे चापाकल से पानी बहुत कम निकल रहा है. यही हालत अगल-बगल के गांवों का भी है. पेयजल को ले कई बार अधिकारियों को आवेदन दिया गया. इसके बादभी सुनवाई नहीं होने पर प्रदर्शन घेराव करने को बाध्य होना पड़ा. पदर्शन करनेवालों में सुदर्शन राम, ललन राम, राम बचन राम केदार राम, फुल कुमारी, सुमित्रा देवी, रीता देवी, अस्तुरना देवी आदि मौजूद थे.
