बनाये जा रहे पक्का मकान

लापरवाही. सोन कैनाल की जमीन पर हो रहा अवैध कब्जा शहर में सिंचाई विभाग की खाली पड़ी जमीन पर अतिक्रमणकारियों की नजर है. उन पर प्रशासन की तरफ से चलाये जाने वाले अभियान का भी कोई असर नहीं है. अब खाली पड़ी भूमि पर पक्के निर्माण किये जा रहे हैं. सड़क किनारे फुटपाथों पर भी […]

लापरवाही. सोन कैनाल की जमीन पर हो रहा अवैध कब्जा

शहर में सिंचाई विभाग की खाली पड़ी जमीन पर अतिक्रमणकारियों की नजर है. उन पर प्रशासन की तरफ से चलाये जाने वाले अभियान का भी कोई असर नहीं है. अब खाली पड़ी भूमि पर पक्के निर्माण किये जा रहे हैं. सड़क किनारे फुटपाथों पर भी निर्माण कार्य किया जा रहा है.

सिचाई विभाग व प्रशासन बने मूकदर्शक

कैनाल रोड में सड़क तक पहुंचे अतिक्रमणकारी

डेहरी ऑन सोन : शहर में सिंचाई विभाग की खाली पड़ी जमीन पर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अनुमंडल प्रशासन द्वारा चलाये जाने वाले अभियान का कोई असर नहीं दिख रहा है. बल्कि, वह और तेजी से अतिक्रमण करते जा रहे हैं. कैनाल रोड व कैनाल के बीच की भूमि पर अब पक्का निर्माण किया जा रहा है.

सड़क किनारे फुटपाथों पर भी मकान बनाये जा रहे हैं.

अतिक्रमणकारियों की मनमानी से ऐसा लगता है कि वह किसी सड़क पर भी अतिक्रमण कर लेंगे. उनके बढ़े हौसले इस बात के प्रमाण हैं कि प्रशासन का उनमें कोई खौफ नहीं है. शहर के अति महत्वूपर्ण कैनाल रोड से होकर प्रतिदिन कोई न कोई विभागीय व प्रशासनिक अधिकारी गुजरते हैं लेकिन, वह अपने आंखो के सामने बन रहे पक्के अतिक्रमित मकान को देखने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं.

वर्षों पहले नहीं के टीले के ऊपर अवैध ढंग से लगायी गयी झुग्गी झोपड़ियों पर रोक लगा दिया जाता, तो उक्त सरकारी जमीन पर इस कदर अतिक्रमण मुक्त होता है. इसे प्रशासन की अनदेखी कहे या समाज की अपनी जिम्मेवारी से बचने की प्रवृत्ति दोनों में चाहे जो बातें सही हो, लेकिन यह सत्य है कि अतिक्रमणकारियों का हौसला इतना बुलंद है कि शहर के किनारे स्थित सभी सरकारी भूमि पर एक क्षत्र अधिकार है.

कराया जायेगा मुक्त

अनुमंडल पदाधिकारी पंकज पटेल ने बताया कि अतिक्रमणकारियों से सभी सरकारी भूमि को मुक्त कराया जायेगा. कुछ अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजा गया है, बाकी को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है. किसी को नहीं बख्शा जायेगा.

अतिक्रमणमुक्त करा कर बनाया जाये पार्क

शहर के अजय कुमार, मुन्ना सिंह, धर्मेंद्र सिंह, मनेाज तिवारी, सोनू कुमार आदि कहते हैं कि पर्यावरण के नाम पर करोड़ो रुपये खर्च कर रही सरकार अपनी भूमि पर संरक्षित करने के बजाय अतिक्रमणकारियों को कब्जा करने के लिए छोड़ दिया है. कैनाल रोड के पश्चिमी छोर को अतिक्रमण मुक्त करते हुए उसे पार्क का रूप दिया जाये. इससे यहां रहने वाले आम नागरिकों को सुकून के दो पल बीताने का जगह मिल सके. इससे पर्यावरण प्रदूषण की समस्या से निजात मिल सकेगी. साथ ही शहर की सुंदरता बढ़ेगी.

मकानों का निर्माण जारी

कैनाल रोड के पश्चिमी हिस्से में अांबेडकर चौक से लेकर जीटी रोड पुल तक अभी भी कई मकानों का निर्माण कार्य जारी है. उन मकानों के अगले हिस्सों में शटर लगा कर उसे दुकान का शक्ल दिया जा रहा है. इससे अतिक्रमणकारी किराये पर लगा कर हर वर्ष लाखों रुपये कमा रहे हैं.

पहले से अवैध बने मकानों को तुड़वाने की बात तो प्रशासन नही कर रहा है. लेकिन, बन रहे मकानों को भी रोक लगाने से प्रशासन परहेज कर रही है. इसी तरह से अतिक्रमित भूमि पर मकान बनाने का कार्य जारी रहा तो वह दिन दूर नही जब कैनाल रोड नाम का मिट जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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