लापरवाही. सदर अस्पताल के 30 डॉक्टरों की फीकी रहेगी दीपावली व छठ पूजा
सासाराम (ग्रामीण) : सदर अस्पताल में ठेके पर बहाल 30 चिकित्सकों की संविदा नवीनीकरण (कॉन्ट्रैक्नट रिन्यूअल) नहीं होने से एक बार फिर चिकित्सकों के वेतन भुगतान का मामला अब तक पेंडिंग है़ इसके कारण उनके घरों में इस बार दीपावली व छठ पूजा फिकी रह सकती हैं.
गौरतलब है कि जिले में ठेके पर बहाल 30 चिकित्सक आज भी कार्यरत हैं, लेकिन इन्हें मई-2015 से अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया जा सका है.
यहीं नहीं, कमिशन से बहाल हुए चिकित्सकों का सेलेक्शन तो हुआ, लेकिन ये उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाये जाने के बाद इनकी पदस्थापना अधर में लटक गयी है. ऐसी स्थिति में कई चिकित्सकों के भविष्य पर आशंका के बादल मंडराने लगे हैं.
नियम के मुताबिक, ठेके पर बहाल चिकित्सकों की ठेका अवधी समाप्त होने के बाद इसका विस्तार जिलाधिकारी को करना होता है.
लेकिन, इसकी सूची सिविल सर्जन रोहतास व रोगी कल्याण समिति के द्वारा जिलाधिकारी को भेजी जाती है. सीएस के मुताबिक, सूची भी भेजी गयी है, लेकिन जिलाधिकारी के व्यस्त रहने के कारण यह मामला लंबित है. इस संबंध में डीएम से बात करने की कोशिश की गयी, लेकिन चुनाव कार्य में व्यस्त होने के कारण उनसे बात नहीं हो पायी.
बहाल चिकित्सकों पर एक नजर
ठेके पर बहाल चिकित्सक 30
कब हुए बहाल 2007
कब तक थी ठेके की अवधि मई 2015
लंबित भुगतान मई 2015 से अब तक
19 पीएचसी प्रभारी भी वेतन से वंचित
जिले में 19 प्रखंडों के पीएचसी प्रभारियों को विगत छह माह से वेतन भुगतान नहीं किया जा सका है. इन चिकित्सकों के वेतन भुगतान इनकी कार्यशैली पर उठे सवाल के बाद रोक दी गयी है. कहीं एंबुलेंस, तो कहीं परिवार कल्याण के मामले में रुचि नहीं दिखा पाने के मामले में आरोपित रहे इन चिकित्सकों के वेतन भुगतान पर रोक लगायी गयी है. लिहाजा इन्हें अब तक भुगतान नहीं किया सका है.
भुखमरी के कगार पर चिकित्सक
ठेके पर बहाल चिकित्सकों का भुगतान मई माह से लंबित है. कई बार विभाग से अनुरोध भी किया गया है. लेकिन, आज तक इन चिकित्सकों के ठेके का नवीनीकरण का मामला अधर में लटका हुआ है. इससे चिकित्सक भुखमरी के कगार पर खड़े हैं. ऐसी स्थिति में आंदोलन का शंखनाद भी किया जायेगा. डॉ सरोज कुमार सिंह,
अध्यक्ष, संविदा चिकित्सक एसोसिएशन, रोहतास
डीएम से अनुमति मिलने पर होगा भुगतान
हमारी ओर से ठेके पर बाहल चिकित्सकों की सूची जिलाधिकारी को भेजी गयी है. उनके यहां यह फाइल लंबित है. कोई निर्णय आने के बाद ही भुगतान की दिशा में पहल की जायेगी. अनुमति मिलते ही चिकित्सकों को भुगतान कर दिया जायेगा. डॉ जयशंकर प्रसाद, सिविल सर्जन,रोहतास
भूखे भजन न होइ गोपाला वाली बात इन चिकित्सकों पर सटीक बैठती है. चिकित्सक काम तो करते हैं, लेकिन मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण सेवा देने में आनाकानी भी करते हैं. चूंकि, इनकी भुगतान मई 2015 से ही लंबित है.
