पिछले 10 दिनों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे थे लोग, 24 घंटे में बहाल हुई जलापूर्ति

सासाराम सिटी : शहर के दक्षिणी हिस्से सागर के दलेलगंज, बारादरी, आलमगंज आदि मुहल्लों में बीते 10 दिनों से जलापूर्ति बंद थी. मंगलवार को प्रभात खबर में इससे संबंधित खबर छपते ही बुधवार को इन मुहल्लों में पानी की सप्लाई बहाल की गयी. बुधवार को मेन बाजार चौक के स्थानीय निवासी विंध्याचल प्रसाद, इंद्रावती कुंवर, […]

सासाराम सिटी : शहर के दक्षिणी हिस्से सागर के दलेलगंज, बारादरी, आलमगंज आदि मुहल्लों में बीते 10 दिनों से जलापूर्ति बंद थी. मंगलवार को प्रभात खबर में इससे संबंधित खबर छपते ही बुधवार को इन मुहल्लों में पानी की सप्लाई बहाल की गयी. बुधवार को मेन बाजार चौक के स्थानीय निवासी विंध्याचल प्रसाद, इंद्रावती कुंवर, रीता देवी, मोहम्मद शमशाद खां, जनार्दन प्रसाद, महावीर कुमार, सुनील कुमार आदि लोगों ने प्रभात खबर काे इसके लिए आभार व्यक्त किया.

गौरतलब है कि ‘शहर के दक्षिणी क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार’ शीर्षक से खबर छपने के साथ ही प्रशासन सक्रिय हुआ और दूसरे ही दिन 10 दिनों से मुहल्लेवासियों पर छाया पानी का संकट दूर हो गया. इन क्षेत्रों में शहर का वार्ड 38, 39 व 40 आते हैं. इन मुहल्लों में बुधवार को तड़के चार बजे ही पानी नलों में आ गया.

मुंह अंधेरे ही एक स्टैंड पोस्ट नल पर अपने घर के लिए पानी भरती गुड़िया कुंवर ने बताया कि हमलोग कई दिनों से दूर-दराज से पानी लाकर काम चला रहे थे. पानी आ जाने से आसानी हो गयी. मां रोज ही चैती नवमी का उपवास रखती है. घर में पानी की दिक्कत से हमलोग बहुत परेशान थे. अब चैती छठ की पूजा भी आराम से हो जायेगी.

इन वार्डों की भौगोलिक स्थिति ठीक नहीं

वार्ड के स्थानीय निवासी मोहम्मद शमशाद खां ने बताया कि हमारे यहां पानी रात में या फिर सुबह ही पहुंच पाता है. दिन में शायद ही कभी पानी की आपूर्ति देखी गयी है. इस संबंध में जब पीएचडी के एसडीओ संजय कुमार सिंह से प्रभात खबर के प्रतिनिधि ने बात की और इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि ये वार्ड चूंकि शहर के दक्षिणी क्षेत्र में पड़ता है व बाकी शहर की अपेक्षा ऊंचाई पर स्थित है, जिसे बदला नहीं जा सकता. दिन में चूंकि शहर में पानी की खपत ज्यादा होती है, अत: जब रात में शहर के ज्यादातर नलके बंद रहते हैं, तो इन एरिया में पानी का दबाव होता है व पानी पहुंच पाता है.

पानी की वैकल्पिक व्यवस्था पर ध्यान दे प्रशासन

साथ ही इन वार्डों के निवासियों ने प्रशासन से यह गुहार भी लगायी कि शहर के इस क्षेत्र में पानी की समस्याओं का ध्यान रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जाये. हमारे यहां खराब सरकारी चापाकलों की मरम्मत करायी जाये, ताकि जलापूर्ति के संबंध में कोई तकनीकी खामी होने पर भी हमारे यहां पीने के पानी की किल्लत नहीं हो.

बहुत कुछ प्रशासन व विभाग भी है जिम्मेदार

वार्ड 40 के भूतपूर्व पार्षद मोहम्मद शमशाद खां ने बताया कि शहर के इन वार्डों में दिन में पानी की आपूर्ति नहीं होने का एक बड़ा कारण प्रशासन व जलापूर्ति-विभाग भी है. सासाराम शहर में रोड साइड व मुहल्लों में लगे लगभग स्टैंड पोस्ट नल ओपेन हैं. इनमें नल हैं ही नहीं.

जो बीते समय में खराब हुए, उन्हें कभी बदला ही नहीं गया. जब पानी की सप्लाई होती है, तब इन नलों से पानी लगातार गिरता व बर्बाद होता रहता है. हालांकि, प्रभात खबर भी इस समस्या की तरफ समय-समय पर प्रशासन व विभाग का ध्यान दिलाता रहा है, पर जल-संरक्षण की बातें तो सभी करते हैं, पर जमीनी हकीकत यह है कि इन जगहों पर प्रशासन व जिम्मेदार विभाग बीते वर्षों से नल नहीं लगा सका है.

नल नहीं होने के कारण बिना वजह गिरते पानी को यदि कोई बंद भी करना चाहे तो बंद नहीं कर पाता. हमारे वार्डों में दिन में पानी का प्रेशर कम होने का यह भी एक बड़ा कारण है. ऐसी छोटी-छोटी समस्याओं पर यदि विभाग ध्यान दे, तो बहुत हद तक हमारी समस्या हल हो जायेगी व शहर के ऐसे ऊंचाई वाले इलाकों की पानी की दिक्कतों पर बहुत कुछ काबू पाया जा सकता है.

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