दुर्गंध से लोगों को हो रही परेशानी

कुछ परिवारों के पास जगह नहीं होने के कारण नहीं बना सके शौचालय अकोढ़ीगोला : स्वच्छ भारत अभियान व लोहिया स्वच्छता मिशन के तहत हर घर शौचालय बनाने के लिए सरकारी व गैर सरकारी संगठनों ने विभिन्न तरीकों से जागरूकता अभियान चलाया. इस अभियान की सफलता के लिए कर्मचारी से लेकर डीएम तक गांव में […]

कुछ परिवारों के पास जगह नहीं होने के कारण नहीं बना सके शौचालय

अकोढ़ीगोला : स्वच्छ भारत अभियान व लोहिया स्वच्छता मिशन के तहत हर घर शौचालय बनाने के लिए सरकारी व गैर सरकारी संगठनों ने विभिन्न तरीकों से जागरूकता अभियान चलाया. इस अभियान की सफलता के लिए कर्मचारी से लेकर डीएम तक गांव में कैंप किया. इसका असर दिखा. गांव के तकरीबन घरों में शौचालय का निर्माण हुआ. हां, कुछ परिवार के पास जगह नहीं होने के कारण शौचालय नहीं बना सके है. ऐसे परिवारों की संख्या काफी कम है. शौचालय अभियान के दिनों में लोग घर का शौचालय का उपयोग करने लगे थे. कारण था कि खुले में शौच की रोकथाम के लिए निगरानी टीम सक्रिय थी. खुले शौच करते पकड़े जाने पर जुर्माना वसूला जाता था. पकड़े जाने का डर कहे या शर्म खुले में शौच पूर्णतः बंद हो गयी थी. सड़कें साफ दिखती थी. गांव की सूरत ही बदल गयी थी.
लेकिन, अब हालात पहले जैसी दिखने लगी है. सुबह शाम सड़कों के किनारे शौच करते लोग नजर आने लगे है. हालत कमोवेश ग्रामीण सड़कों की एक जैसी दिखने लगी है. एक बानगी दरिहट-शेरपुर-अकोढ़ी सड़क है. जिसके किनारे शौच ही शौच दिखने लगे है. लोगों को इस सड़क से गुजरने में परेशानी होती है. शौच की दुर्गंध से मुंह नाक बंद कर रास्ता पार करना पड़ता है. ग्रामीण सत्येंद्र पांडेय, राजकुमार खबरी, अनिल सिंह का कहना है कि अभियान के दौरान प्रशासन के डर से लोग सड़कों के किनारे शौच करना छोड़ दिया था. लोगों में खुले में शौच की आदत नहीं बदली है. शौच से सड़कें बदहाल दिखती है. जिससे लोगों को परेशानी होती है. इस संबंध में मुखिया सुस्मिता कुमारी का कहना है कि खुले में शौच की पुरानी परंपरा को कुछ लोगों ने नहीं छोड़ा है. जिसके कारण फिर से सड़कें गंदी होने लगी है. ऐसे लोगो को चिह्नित कर खुले में शौच नही करने का आग्रह किया जायेगा. गांव व पंचायत को साफ व सुंदर बनाने की सबकी जिम्मेदारी है.

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