कौन है इस अराजकता का जिम्मेवार?

सासाराम कार्यालय : सदर अस्पताल जिला का मुख्य अस्पताल है. यहां गरीबों व असहाय लोगों को मुफ्त में चिकित्सकीय सुविधाएं दी जाती हैं. लेकिन पिछले चार दिनों से जिस तरह से यहां के एएनएम व विभागीय कर्मचारी धरना-प्रदर्शन व हड़ताल पर हैं, उसका सबसे वृहत रूप गुरुवार को देखने को मिला. तब, जब स्वास्थ्य कर्मचारियों […]

सासाराम कार्यालय : सदर अस्पताल जिला का मुख्य अस्पताल है. यहां गरीबों व असहाय लोगों को मुफ्त में चिकित्सकीय सुविधाएं दी जाती हैं. लेकिन पिछले चार दिनों से जिस तरह से यहां के एएनएम व विभागीय कर्मचारी धरना-प्रदर्शन व हड़ताल पर हैं, उसका सबसे वृहत रूप गुरुवार को देखने को मिला. तब, जब स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ओपीडी व अन्य विभागों में भी काम ठप करते हुए तालाबंदी कर दिया.

कारण वही, जो पिछले 10 दिनों से प्रभाव दिखा रहा है. एएनएम सीमा वर्मा के साथ र्दुव्‍यवहार का मामला. स्वास्थ्यकर्मी आरोपित की गिरफ्तारी की लगातार मांग करते हुए कार्य बहिष्कार किये हुए हैं. वहीं, कर्मचारियों व एएनएम की हड़ताल व विरोध प्रदर्शन से अस्पताल की व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गयी है. हद तो तब होती है, जब इस पूरे मामले में स्पष्ट जवाब देने को न तो अस्पताल प्रबंधन आगे आ रहा है और न ही पुलिस प्रशासन आरोपित की गिरफ्तारी के संबंध में कुछ कह पा रहा है.

गुरुवार को अस्पताल परिसर में ओपीडी व इमरजेंसी समेत सभी वार्डो में सन्नाटा पसरा रहा. दिन भर में किसी मरीज का कोई भी इलाज या उपचार नहीं हो सका. इलाज के लिए दूर दूर से आये मरीज दिन भर हलकान होते रहे. यहां तक की अस्पताल में सेवा बाधित होने के संबंध में कोई स्पष्ट जवाब देने वाला भी मौजूद नहीं था. गौरतलब है कि 10 दिन पूर्व अस्पताल में एक एएनएम के साथ छेड़खानी को लेकर स्वास्थ्यकर्मी एसएमओ डॉ मनेंद्र कुमार शर्मा की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार डॉ मनेंद्र अभी जिले से बाहर हैं. उनके बारे में अब तक किसी ने कोई खोज खबर नहीं ली है. कार्रवाई चाहे जो भी हो, फिलहाल मरीजों के लिए तो यह जगह ठीक नहीं ही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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