बिना सड़क चौड़ा किये बनाया गया था डिवाइडर
सासाराम नगर : शहर में पुराने जीटी रोड का डिवाइडर जानलेवा बन गया है. डिवाइडर से टकरा कर प्रतिदिन छोटे-बड़े वाहन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. दुर्घटना में आधा दर्जन लोगों की मौत व दर्जनों लोग जख्मी हो चुके हैं. जब से डिवाइडर बना है, शहर में दुर्घटना बढ़ी है. नगर पर्षद ने बिना विशेषज्ञों से राय लिए आनन-फानन में डिवाइडर बना दिया गया. सड़क के चौड़ीकरण के बाद डिवाइडर बनाया जाता तो आज स्थिति बदतर नहीं होती. लगातार हो रही दुर्घटना से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. शहर में पूरब से आनेवाले वाहन काली स्थान के समीप डिवाइडर से टकरा जाते हैं. चुकी काली स्थान तक सड़क चौड़ी है. इसके बाद सड़क अचानक संकीर्ण हो जाती है और एक ही लेन में डिवाइडर बना दिया गया है. इससे अनजान चालक अक्सर डिवाइडर से टकराते हैं, जिससे दुर्घटना हो रही है.
नहीं ली गयी विशेषज्ञों की राय :जब शहर में डिवाइडर बनाने की योजना बनी थी, उस समय भी लोगों ने विरोध किया था, लेकिन नगर पर्षद अपने रौ में था और गलत तरीके से बिना सड़क चौड़ा किये डिवाइडर बना कर उस पर लाखों रुपये के डेकोरेटेड लाइट लगा दी गयी. आज स्थिति है कि डिवाइडर पर लगा एक भी लाइट नहीं जलती है. दर्जन भर लाइट दुर्घटना में टूट कर गिर गये हैं. वाहन टकराने पर जो डेकोरेटेड लाइट गिरी उसकी जगह अभी तक दूसरी लाइट नहीं लग सकी है. जनता के करोड़ों रुपये बर्बाद हो गये. इसी मामले में नप के तत्कालीन मुख्य पार्षद को जेल जाना पड़ा था. डिवाइडर हटाने की लोगों में मांग बढ़ने लगी है. लोग अब आंदोलन के मूड में आ गये हैं.
क्या कहते हैं लोग
पुराने जीटी रोड पर बना डिवाइडर बेहद खतरनाक हो गया है. किसी स्टेट हाइवे को देखिए, जहां मोड़ या भीड़ होती है. पहले ही आगाह करने के लिए बोर्ड लगा होता है. शहर में काली स्थान के समीप अचानक सड़क संकीर्ण हो जाता है.
विद्यासागर प्रसाद, शिक्षक
सड़क चौड़ीकरण करने की योजना अभी अधर में है. स्थिति स्पष्ट नहीं है कि कब सड़क का निर्माण शुरू होगा. प्रशासन सड़क चौड़ीकरण का इंतजार कर रहा है कि उसी समय डिवाइडर को हटाया जायेगा. तब तक दुर्घटना होती रहेगी और लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे.
अमित राठौर, शिक्षक
पुराने जीटी रोड पर बना डिवाइडर ही गलत है. शुरू से ही इसका विरोध हो रहा है. लेकिन उस समय नप में पैसे की लूट मची थी. किसी तरह हड़बड़ी में योजना बना राशि की लूट की गयी. प्रशासन स्वयं देखे डिवाइडर के कारण शहर में तेजी से दुर्घटना बढ़ी है.
रवि कुमार, व्यवसायी
प्रशासन सड़क चौड़ीकरण का इंतजार नहीं करता तो बेहतर होता. सड़क से डिवाइडर हटाना लोगों के हित में होगा. 25 अप्रैल की रात बरातियों से भरी बस डिवाइडर से टकराकर पलट गयी. जिसमें दो दर्जन बराती घायल हुए थे. दो मई की सुबह एक ट्रक डिवाइडर पर चढ़ गया. संयोग अच्छा था कि ट्रक पलटा नहीं. बिना सड़क चौड़ीकरण के डिवाइडर बनाने का निर्णय ही गलत था.
मो गुलाब, समाजसेवी
क्या कहते हैं विधायक
पुराने जीटी रोड के चौड़ीकरण की योजना स्वीकृत है. लेकिन अभी केंद्र सरकार से एनओसी नहीं मिला है. जिससे निर्माण कार्य शुरू करने में विलंब हो रहा है. इधर शहर में गलत तरीके से डिवाइडर बना दिया गया है जिससे दुर्घटना हो रही है. काली स्थान से डीएसपी अवास तक डिवाइडर हटाने के लिए अधिकारियों से बात की जायेगी.
डाॅ अशोक कुमार, विधायक सासाराम
