रेलवे ट्रैक पर छह घंटे तक तड़पता रहा जख्मी वृद्ध

सासाराम नगर : सासाराम स्टेशन के पश्चिमी केबीन के समीप ट्रेन के झटके से जख्मी वृद्ध छह घंटे तक तड़पता रहा. स्थानीय लोगों की सूचना देने के बावजुद मेमो कटने के इंतजार में पुलिस घंटो बैरक में बैठी रही. स्थानीय युवक वृद्ध को ट्रैक से हटा कर किनारे किया. इसके बाद भी जीआरपी को महज […]

सासाराम नगर : सासाराम स्टेशन के पश्चिमी केबीन के समीप ट्रेन के झटके से जख्मी वृद्ध छह घंटे तक तड़पता रहा. स्थानीय लोगों की सूचना देने के बावजुद मेमो कटने के इंतजार में पुलिस घंटो बैरक में बैठी रही. स्थानीय युवक वृद्ध को ट्रैक से हटा कर किनारे किया. इसके बाद भी जीआरपी को महज तीन सौ मीटर की दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग गया. घटना रविवार सुबह पांच बजे की है. जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह करीब पांच बजे डाउन व रिभरसेबल लाईन के बीच एक 70 वर्षीय वृद्ध तेज धूप में वहीं उसी स्थिति में पड़ा था. कुछ युवकों ने वृद्ध को उठा कर छाया में ले आये. इसके बाद पुन: जीआरपी को इसकी सूचना दी गयी. फोन पर जीआरपी के अधिकारी ने कहा अभी मेमो नहीं कटा है. मेमो कटने पर हमारे अधिकारी वहां पहुंचेंगे. अगर आप लोग ज्यादा परेशान हैं तो जख्मी को सदर अस्पताल पहुंचा दें.
जख्मी की नहीं हो सकी है पहचान : जख्मी बेहोशी की स्थिति में है. हिलाने डुलाने पर कराहते हुए बड़बड़ा रहा है. सर मे गंभीर चोट हैऔर उसका एक हाथ भी टूट कर लटक गया है. राजपूत कॉलोनी निवासी युवक मनीष, संतोष, आयुष राज, मानवेंद्र आदि ने मोबाइल से घायल का फोटो खींच कर रेल मंत्री को भेज जीआरपी के अधिकारी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करायी है. वहीं एक सेवानिवृत्त शिक्षिका मनोरमा देवी ने कहा कि बच्चे जख्मी को ट्रैक से उठा लाये, उन्हें जो भी समझ में आया किया. उसके जख्म को साफ किया, लेकिन कानूनी पचड़े में फंसने के डर से वृद्ध को अस्पताल नहीं ले गये.
क्या कहते हैं स्थानीय सांसद : रेल पुलिस मानवता के साथ शर्मनाक मजाक किया है. इस तरह का व्यवहार अपराध की श्रेणी में आता है. दोषी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए रेलवे के वरीय अधिकारियों से बात की जायेगी, ताकि भविष्य में कोई अधिकारी ऐसी गलती नहीं करें. जरूरत पड़ा तो इस संदर्भ में रेल मंत्री से स्वयं बात करूंगा.

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