करेले का भाव गिरा, किसानों का मुंह कड़वा

संझौली (रोहतास) : सब्जी के रूप में करेला एक औषधीय खाद्य पदार्थ है. हाल के वर्षों में शूगर रोगियों की बढ़ी संख्या ने इस सब्जी की डिमांड बढ़ा दी है. खाने में कड़वा लगने के बावजूद लोग इसका उपयोग बड़ी मात्रा में करते हैं. करेले की डिमांड बढ़ी, तो किसान भी इसकी खेती की ओर […]

संझौली (रोहतास) : सब्जी के रूप में करेला एक औषधीय खाद्य पदार्थ है. हाल के वर्षों में शूगर रोगियों की बढ़ी संख्या ने इस सब्जी की डिमांड बढ़ा दी है. खाने में कड़वा लगने के बावजूद लोग इसका उपयोग बड़ी मात्रा में करते हैं. करेले की डिमांड बढ़ी, तो किसान भी इसकी खेती की ओर आकर्षित हुए. प्रखंड क्षेत्र के बेनसागर, सिरियांव, मथुरापुर, चैता नर्वद आदि गांवों के किसान करेले की बड़ी मात्रा में खेती करने लगे. कुछ वर्षों तक इसमें किसानों को बड़ा मुनाफा हुआ.

करेला यहां के आस-पास के बाजार के अलावा पटना तक सप्लाई होने लगा था. लेकिन, इस वर्ष करेले का उत्पादन अधिक होने व बाजार कम होने से करेले की खेती घाटा का सौदा हो गया है. हालत यह कि करेला 400 रुपये से 500 रुपये क्विंटल के भाव बिकने लगा है. जबकि इसकी खेती में एक बीघे पर पांच से छह हजार रुपये लागत आती है. परिणाम किसानों को घाटा होने लगा है. करेले की खेती में लगे परिश्रम व धन की भरपाई भी नहीं हो पा रही है.

क्या कहते हैं किसान: क्षेत्र के किसान राम सुरेश सिंह, राम जग सिंह, श्याम बिहारी सिंह, बजरंगी मेहता, कल्लू कुशवाहा ने कहा कि शुरू में करेला चार हजार रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था. इस वर्ष भाव गिरकर 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. किसानों से करेला खरीदने आये व्यवसायी अख्तर अंसारी, शिव मंगल साह, कन्हैया ने बताया कि यहां से करेला आरा, मोहनिया, भभुआ, औरंगाबाद, डेहरी,सासाराम, पटना तक भेजा जाता था. वहां भी लोकल में करेले का उत्पादन होने से दाम में कमी आ गयी है. अब अच्छा भाव नहीं मिल रहा है. ऐसे में हम क्या कर सकते हैं? हमें कुछ बचेगा तभी तो हम किसानों को अच्छा भाव देंगे. किसानों का कहना है कि सरकार को हमें बाजार देना चाहिए. गोदाम की कमी के कारण हम करेले का स्टॉक नहीं कर पाते हैं. कच्चा सौदा होने के कारण औने-पौने दाम पर बेचना हमारी मजबूरी है.

क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक: कृषि वैज्ञानिक डॉ देवेंद्र मंडल ने कहा कि करेला औषधीय सब्जी है. इसमें प्रचुर मात्रा में एंटी आॅक्सीडेंट, कैरोटीन, बीटा कैरोटीन, आयरन, जिंक, पोटेशियम, मैग्नीशियम व मैगनीज पाये जाते हैं. यह मधुमेह रोगियों के लिए बहुत ही उपयोगी सब्जी है. कई दवाओं में भी इसका इस्तेमाल होता है.

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