Ram Janki Path: अयोध्या और जनकपुर को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी राम-जानकी पथ परियोजना अब पूर्वी चंपारण में तेजी से आगे बढ़ रही है. जिले में बनने वाली 56 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. पांच सदस्यीय समिति की जांच अंतिम चरण में है. इसके साथ ही अधिसूचना जारी करने और खेसरा पंजी तैयार करने की तैयारी भी शुरू हो गई है.
जिले के 7 अंचलों के 49 गांवों से गुजरेगी सड़क
राम-जानकी पथ पूर्वी चंपारण के सात अंचलों के 49 राजस्व गांवों से होकर गुजरेगा. यह सड़क केसरिया के ढेकहां से जिले में प्रवेश करेगी और पताही होते हुए शिवहर की ओर जाएगी. परियोजना के तहत केसरिया के 11, कल्याणपुर के 15, चकिया के 3, मेहसी के 1, मधुबन के 13, फेनहारा के 5 और पताही के 1 राजस्व गांव इस सड़क से जुड़ेंगे.
गांवों को मिलेगा बेहतर आवागमन
सड़क बनने के बाद इन सभी गांवों के लोगों को बेहतर और तेज सड़क संपर्क मिलेगा. इससे लोगों का सफर आसान होगा और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा
राम-जानकी पथ बनने के बाद अयोध्या से जनकपुर जाने वाले श्रद्धालुओं का सफर पहले से आसान और तेज होगा. इस मार्ग से विश्व प्रसिद्ध केसरिया बौद्ध स्तूप, सोमेश्वर धाम, कल्याणपुर में बन रहा विश्व का सबसे ऊंचा विराट रामायण मंदिर और ऐतिहासिक सीताकुंड तक पहुंच आसान होगी.
सीतामढ़ी और जनकपुर तक बेहतर कनेक्टिविटी
यह सड़क सीतामढ़ी स्थित मां जानकी मंदिर और नेपाल के जनकपुर धाम तक जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी बेहतर संपर्क मार्ग बनेगी. इससे भारत और नेपाल के बीच धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है.
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रोजगार और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क बनने के बाद आसपास होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, वे-साइड सुविधाएं और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित होंगे. इससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. साथ ही जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी.
अधिकारी ने क्या कहा
पूर्वी चंपारण के एडीएलओ कुमार विमल कांत ने बताया कि राम-जानकी पथ परियोजना के लिए पांच सदस्यीय टीम की जांच अंतिम चरण में है. जांच पूरी होते ही भूमि अधिग्रहण की अगली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
