अंतरराज्यीय ज्वेलरी लूट गिरोह के पास आखिर कौन सा मोबाइल एप्लीकेशन, पूरा पुलिस महकमा जानने में जुटा
अंतरराज्यीय ज्वेलरी लूट गिरोह के शातिर सदस्य योजना बनाने से लेकर योजना को अंजाम देने तक पुलिस से बचने के लिए एक स्पेशल मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए आपस में संवाद करते हैं. तेलंगाना पुलिस को इस प्रकार का इनपुट मिला है. इसी आधार पर बिहार निवासी सरगना सुबोध सिंह को हैदराबाद ले जाकर तेलंगाना पुलिस सख्ती से पूछताछ में जुटी है.
पूर्णिया से प्रतिनिधि की रिपोर्ट :
पूर्णिया सेंट्रल जेल से हैदराबाद ले जाकर तेलंगाना पुलिस कर रही पूछताछ
पूर्णिया. अंतरराज्यीय ज्वेलरी लूट गिरोह के शातिर सदस्य योजना बनाने से लेकर योजना को अंजाम देने तक पुलिस से बचने के लिए एक स्पेशल मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए आपस में संवाद करते हैं. तेलंगाना पुलिस को इस प्रकार का इनपुट मिला है. इसी आधार पर बिहार निवासी सरगना सुबोध सिंह को हैदराबाद ले जाकर तेलंगाना पुलिस सख्ती से पूछताछ में जुटी है. सरगना सुबोध पूर्णिया सेंट्रल जेल में बंद हैं. कोर्ट के निर्देश पर उसे तेलंगाना ले जाया गया है. हैदराबाद के करीमनगर के पीएमजे ज्वेलर्स में 3 मई को दिनदहाड़े 82.02 लाख रुपए की ज्वेलरी लूटकांड से यह मामला जुड़ा है. पूरे पुलिस महकमे की भी इस बात पर नजर है कि आखिर किस मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से इतना फुलप्रूफ प्लान गिरोह बनाता है.
जेल से ही गैंग आपरेट करने की आशंका
तेलंगाना पुलिस को आशंका है कि लूटकांड की साजिश एक अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह ने रची थी, जिसका नेतृत्व सुबोध सिंह कर रहा था. आशंका है कि वो जेल से ही अपने गैंग को ऑपरेट करता है. लूटकांड गिरोह में शामिल सदस्य पुलिस से बचने के लिए एक स्पेशल मोबाइल एप्लिकेशन का प्रयोग करते हैं.
बिहार के नालंदा का रहने वाला है सुबोध
बिहार के पूर्णिया जेल में बंद सुबोध सिंह चिश्तीपुर, चांदी, नालंदा, बिहार का मूल निवासी है.सुबोध को पुलिस के काम करने के तरीके की अच्छी जानकारी है, क्योंकि वो साल 2000 से 2008 के बीच पुलिस मुखबिर रहा था. इस दौरान उसने पुलिस के काम करने के तरीके को करीब से देखा, रणनीति सीखी, इसके बाद इसका यूज वारदात को अंजाम देने और पुलिस से बचने में करने लगा.
पांच राज्यों में ज्वेलरी व बैंक लूट चुका है गिरोह
यह गिरोह बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, तेलंगाना और महाराष्ट्र में आभूषण की दुकानों और बैंकों को निशाना बनाता है.
लूट का सोना पिघला कर नेपाल में खपाते
इस गिरोह का तरीका ये रहा है कि वे लूट के सोने को पश्चिम बंगाल या बिहार में जल्दी से पिघला देते हैं और फिर उसे नेपाल में अपने साथियों को भेज देते हैं.