पूर्णिया नगर निगम सशक्त स्थायी समिति के चुनाव नतीजे घोषित
पूर्णिया. समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में शुक्रवार को नगर निगम पूर्णिया की सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया. निगम में सात सीटों के लिए चुनाव होना था. इनमें चार सदस्य निर्विरोध चुने गये जबकि तीन सीटों के लिए मतदान हुआ. खास बात यह रही कि निर्विरोध और मतदान के जरिये पूर्व से पदासीन सभी सातों सदस्य फिर से सशक्त स्थायी समिति के सदस्य निर्वाचित हुए. सहायक निर्वाची पदाधिकारी सुजय कुमार सिंह की देखरेख में संपन्न चुनाव में आशा महतो, मुर्शीदा खातून, कमली देवी एवं प्रदीप जायसवाल निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गये. तीन सीटों के लिए कराए गये मतदान में स्वपन घोष को 23 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी रविशंकर कुशवाहा को 21 मत प्राप्त हुए, एक मत अवैध घोषित किया गया. दूसरी सीट पर कुमारी खुशबू को 21 मत प्राप्त हुए, जबकि राजीव रंजन सहाय को 7 तथा कल्याणी राय को 15 मत हासिल हुए. इस दौरान 2 मत अवैध पाये गये. वहीं तीसरी सीट पर ममता सिंह ने 33 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि प्रतिद्वंदी अर्जुन सिंह को 11 मत मिले और 1 मत अवैध घोषित किया गया.चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मुख्य निर्वाची पदाधिकारी सुजय कुमार सिंह ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को प्रमाण पत्र प्रदान किया. इसके पश्चात सभी सदस्य नगर निगम सभाकक्ष पहुंचे, जहां महापौर विभा कुमारी एवं नगर आयुक्त श्रीकुमार मंगलम ने बुके देकर एवं माला पहनाकर सभी का स्वागत एवं अभिनंदन किया. बिहार सरकार एवं नगर विकास विभाग के निर्देशानुसार आयोजित इस चुनाव में नगर निगम के 45 वार्डों के पार्षदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जबकि वार्ड संख्या 5 की पार्षद निर्जला देवी मतदान प्रक्रिया में अनुपस्थित रहीं.
नगर निगम की रीढ़ है सशक्त स्थायी समिति : महापौर
इस अवसर पर महापौर विभा कुमारी ने कहा कि सशक्त स्थायी समिति नगर निगम की रीढ़ मानी जाती है, लिहाजा इसके सदस्यों का निर्वाचन महत्वपूर्ण होता है. महापौर ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार आज सशक्त स्थायी समिति का चुनाव संपन्न हुआ. चार सदस्यों के निर्विरोध निर्वाचन के लिए सभी निर्वाचित पार्षदों को बधाई और जो लोग चुनावी प्रक्रिया पूरी कर निर्वाचित हुए हैं उन्हें भी हार्दिक बधाई. साथ ही सभी 46 वार्ड पार्षदों को भी बधाई क्योंकि हम सब एक परिवार के सदस्य हैं. चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है जहां जीत या हार तय है, इसे दूसरे नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए.
बिना किसी का नाम लिये महापौर ने कहा कि कुछ लोग जो पर्दे के पीछे बैठकर नगर निगम के भाग्य-विधाता बनने का प्रयास कर रहे थे, उनके मंसूबे विफल हुए हैं. यह जीत नगर निगम द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की जीत है, वार्ड पार्षदों की एकजुटता की जीत है. उम्मीद करते हैं कि सशक्त स्थायी समिति के सभी सदस्य मिलकर नगर निगम की बेहतरी के लिए प्रयास करते रहेंगे.