पूर्णिया. स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचआइवी/एड्स के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. प्रचार-प्रसार, रैली, पोस्टर, बैनर और रेड रिबन क्विज जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संक्रमण से बचाव और एचआइवी संक्रमित लोगों के प्रति भेदभाव नहीं करने का संदेश दिया जा रहा है.
युवाओं और किशोरों को जागरूक करने पर विशेष जोर
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य युवाओं और किशोरावस्था से गुजर रहे बच्चों तक भी एचआइवी/एड्स से संबंधित सही जानकारी पहुंचाना है. इसके लिए विद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, ताकि बच्चे संक्रमण से बचाव के बारे में सही जानकारी प्राप्त कर सकें और भ्रांतियों से दूर रहें.
सरस्वती विद्या निकेतन में चला इंटेंसिफाइड कैंपेन
इसी कड़ी में जिले के रानीपतरा स्थित चांदी राजीगंज के सरस्वती विद्या निकेतन प्लस टू उच्च विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचआइवी/एड्स जागरूकता को लेकर इंटेंसिफाइड कैंपेन चलाया गया. अभियान में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया.
संक्रमण फैलने के कारणों की दी जानकारी
अभियान के दौरान प्रभारी जिला स्तरीय आइसीटीसी पर्यवेक्षक बीएन प्रसाद ने बच्चों को एचआइवी संक्रमण और इसके फैलने के प्रमुख माध्यमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एचआइवी संक्रमित व्यक्ति के साथ सामान्य सामाजिक व्यवहार करने से संक्रमण नहीं फैलता. उन्होंने बच्चों को संक्रमण से जुड़े तथ्यों की जानकारी देते हुए बताया कि असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त और संक्रमित सुई जैसे माध्यमों से एचआइवी संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है.
भ्रांतियों और अफवाहों से दूर रहने की अपील
बीएन प्रसाद ने बच्चों से एचआइवी/एड्स को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सही जानकारी और जागरूकता के माध्यम से संक्रमण से बचाव के प्रति सतर्क रहा जा सकता है. उन्होंने एचआइवी संक्रमित लोगों के साथ भेदभाव नहीं करने और उनके प्रति मानवीय एवं सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करने का भी संदेश दिया.
