पूर्णिया, बैसा. संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान के तहत गुरुवार को बैसा प्रखंड में पांच अलग-अलग स्थानों पर संत रविदास विकास शिविर का आयोजन किया गया. बिहार सरकार के निर्देश पर आयोजित शिविर का उद्देश्य अनुसूचित जाति टोलों में रहने वाले पात्र परिवारों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना रहा. शिविरों में ग्रामीणों से विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन लिये गये और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया.
पांच स्थानों पर आयोजित हुआ शिविर
कंफलिया पंचायत के सोनापुर, कंजिया पंचायत के सोनापुर घेराबाड़ी, मालोपाड़ा पंचायत के वार्ड संख्या चार, मुंगरा प्याजी पंचायत के दुर्गापुर और शीशाबाड़ी स्थित सामुदायिक भवन में शिविर लगाया गया. अलग-अलग स्थानों पर आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने पहुंचकर सरकारी योजनाओं से संबंधित अपनी समस्याएं और आवेदन अधिकारियों के समक्ष रखे.
एसडीओ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन
मालोपाड़ा में आयोजित शिविर का उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. उन्होंने संत रविदास और डॉ भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. इस दौरान सीओ गोपाल कुमार, समिति प्रतिनिधि तहजीब आलम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
आयुष्मान कार्ड से आवास योजना तक लिये गये आवेदन
शिविर में आयुष्मान कार्ड, जॉब कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन लिये गये. कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया. एसडीओ अभिषेक रंजन ने अधिकारियों को पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिये.
पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ा जा रहा : बीडीओ
बीडीओ हेम शंकर राही ने कहा कि शिविर के माध्यम से पात्र परिवारों को चिह्नित कर सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है. ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसी उद्देश्य से शिविर का आयोजन किया गया है. उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं की जानकारी सीधे अधिकारियों तक पहुंच रही है और पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी आसान हो रही है.
ग्रामीणों को एक ही जगह मिली कई योजनाओं की जानकारी
शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया. अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी जरूरत के अनुसार योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करें. शिविर के माध्यम से सरकारी योजनाओं को पात्र परिवारों तक पहुंचाने की पहल की गयी.
