पूर्णिया शहर के हृदयस्थली फोर्ड कंपनी चौक (पूर्व में पानीटंकी चौक) पर अवस्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की अगाध आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है. भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि इस दरबार में जो भी सच्चे मन से माथा टेकता है, पवनपुत्र हनुमान उनके जीवन के तमाम संकटों को पल भर में दूर कर देते हैं.
मंगलवार और शनिवार को लगता है भक्तों का मेला
यह मंदिर शहर के सबसे व्यस्ततम धार्मिक स्थलों में से एक है:
- विशेष पूजन दिन: यूं तो हर दिन यहां श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन मंगलवार और शनिवार को मंदिर का नजारा अलौकिक होता है.
- विशेष अर्पण: मंगलवार की सुबह से ही भक्त सिंदूर, नारियल, चोला, फूल-माला और बेसन के लड्डू चढ़ाकर भगवान हनुमान की आराधना करते हैं.
- चलते-फिरते दर्शन: सड़क किनारे स्थित होने के कारण यहां से गुजरने वाले राहगीर व वाहन चालक भी रुककर बजरंगबली का आशीर्वाद लेना नहीं भूलते.
प्रतिदिन सुबह-शाम 7 बजे भव्य आरती की परंपरा
मंदिर परिसर में नियमित रूप से भक्तिमय अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है:
- नित्य आरती: रोजाना सुबह और शाम 7:00 बजे विधिवत आरती होती है, जिसमें सैकड़ों शहरवासी और दूर-दराज से आए लोग शामिल होते हैं.
- विशेष पर्व: श्री रामनवमी और हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर यहां भव्य धार्मिक अनुष्ठान, अखंड सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है, जिससे पूरा क्षेत्र राममय हो जाता है.
शहर के केंद्र में स्थित, आवागमन है बेहद आसान
भौगोलिक दृष्टि से इस मंदिर तक पहुंचना बेहद सुगम है:
- त्रिमुहाने पर स्थिति: यह मंदिर फोर्ड कंपनी चौक के त्रिमुहाने पर स्थित है.
- सड़कों का जुड़ाव: मंदिर के बगल से गुजरने वाली एक सड़क सीधे जेल चौक तो दूसरी गिरिजा चौक को जोड़ती है. सामने की सड़क लाइनबाजार की ओर जाती है, जबकि मंदिर के ठीक पीछे प्रसिद्ध राजेंद्र बाल उद्यान का पिछला हिस्सा है.
